केसली (सागर)- भारतीय किसान संघ, महाकौशल प्रांत (जिला सागर) के नेतृत्व में आज किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) केसली को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों को तत्काल स्वीकार नहीं किया, तो प्रदेश भर के किसान उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
प्रमुख मांगें: गेहूँ ₹2700 प्रति क्विंटल और नरवाई पर दंडात्मक कार्रवाई पर रोक
ज्ञापन के माध्यम से भारतीय किसान संघ ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर सरकार का ध्यानाकर्षण किया है:
समर्थन मूल्य खरीदी में देरी: किसानों का कहना है कि गेहूं, चना, मसूर और सरसों की खरीदी की तारीखों को बार-बार आगे बढ़ाना किसान हित में नहीं है। संघ ने मांग की है कि ₹2700 प्रति क्विंटल के भाव पर गेहूं की शीघ्र खरीदी शुरू की जाए ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
नरवाई प्रबंधन और FIR का विरोध: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों का हवाला देकर किसानों पर आर्थिक दंड और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया पर संघ ने कड़ा एतराज जताया है। जिला अध्यक्ष रघुराज सिंह तोमर ने कहा, "नरवाई जलाना किसान का शौक नहीं, मजबूरी है। बिना विकल्प दिए अन्नदाता को अपराधी बनाकर जेल भेजना किसान विरोधी नीति है। क्या किसानों को जेल में डालकर किसान कल्याण वर्ष मनाया जाएगा?"
ऋण अदायगी की समय सीमा: सरकारी संस्थाओं के ऋण चुकाने की 'ड्यू डेट' 28 मार्च 2026 से बढ़ाकर 15 जून 2026 करने की मांग की गई है। साथ ही खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिलों की तर्ज पर 'ऋण पलटी' व्यवस्था लागू करने की बात कही गई।
मंडियों में पारदर्शी तौल: किसानों ने मांग की है कि उपज की तौल केवल कृषि उपज मंडियों में 'डाक तौल' के माध्यम से हो। व्यापारियों के घर पर होने वाली तौल को अपराध की श्रेणी में रखा जाए ताकि किसानों के साथ धोखाधड़ी न हो।
मूंग खरीदी: समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की समय सीमा सुनिश्चित कर विधिवत प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई गई है।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह तोमर और तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि किसान आज अपनी ही उपज बेचने और खेती की सामान्य प्रक्रियाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। यदि इन मांगों पर तत्काल प्रभाव से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भारतीय किसान संघ सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
"सरकार एक तरफ किसान कल्याण की बात करती है और दूसरी तरफ नरवाई के नाम पर किसानों को जेल भेज रही है। यह दोहरा रवैया अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" — भारतीय किसान संघ, सागर
कार्यक्रम में उपस्थिति
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह तोमर, तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के वरिष्ठ किसान और किसान संघ के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से SDM ने ज्ञापन स्वीकार कर मांगों को उच्च स्तर तक पहुँचाने का आश्वासन दिया है।

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