ब्लड की कमी से दम तोड़ने लगी ब्लड बैंक की व्यवस्था
मरीजों के परिचित व डोनर के भरोसे हो रही ब्लड की पूर्ति, सामाजिक कार्यकर्ता ने डोनरों से किया आह्वान-

बड़वानी -जिला अस्पताल का ब्लड बैंक स्वयं हीमोग्लोबिन की कमी से जूझने लगा हैं। ब्लड बैंक में अधिकांश ब्लड ग्रुप यूनिट की उपलब्धता खत्म होते ही मरीजों के परिजन ब्लड के लिए परेशान हुए।
इस दौरान डोनरों से संपर्क कर ब्लड ग्रुपों का अल्टरनेट कर भी पूर्ति की गई। वहीं बाहर गांवों व समीप जिले से आने वाले मरीज ब्लड के लिए अधिक परेशान हुए। उल्लेखनीय है कि 400 बेड वाले जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में प्रतिदिन प्रसूताओं के साथ गंभीर मरीजों को ब्लड की आवश्यकता रहती है। जानकारी के अनुसार सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक 28 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया गया। वहीं इसके बाद ब्लड के अधिकांश ग्रुप की उपलब्धता खत्म हो गई। धार जिले के नानपुर के अनिल राठौड़ ने बताया कि उनकी पत्नी को यहां लाए है। एबी पॉजिटीव ब्लड की जरुरत थी, लेकिन ब्लड बैंक में नहीं मिला। ऐसे में यहां एक डोनर से संपर्क कर ब्लड की व्यवस्था की और बदले में अन्य ग्रुप का ब्लड एक्सचेंज किया गया। वहीं गंधवानी के चंदू ने कहा कि उनकी भांजी यहां अस्पताल में भर्ती है। ओ पॉजिटिव ब्लड की आवश्यकता होने पर उन्होंने अपना ए प्लस बी ब्लड देकर एक्सचेंज किया। यहां ब्लड बैंक में ब्लड उपलब्धता की कोई व्यवस्था नहीं है।

*डॉक्टर पर्ची में लिखकर दे रहे फ्री ब्लड*

वहीं ब्लड बैंक में ब्लड की
कमी के बावजूद जिला अस्पताल के डॉक्टर मरीजों के लिए फ्री में ब्लड लिखकर दे रहे हैं। जिसकी पर्ची लेकर मरीजों के परिजन बैंक में पहुंचते रहे, जिनको कर्मचारियों द्वारा रक्तदान करने की अपील की जाती रही। जानकारी के अनुसार ब्लड बैंक में जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के साथ ही करीब 15 निजी अस्पतालों में ब्लड की पूर्ति की जाती हैं। जिससे यहां हमेशा ब्लड की कमी बनी रहती है।

*ब्लड के लिए रक्तदान करना जरुरी*

सामाजिक कार्यकर्ता अजित जैन ने कहा कि ब्लड बैंक में ब्लड उपलब्ध नहीं है। नेगेटिव ग्रुप का ब्लड उपलब्ध हैं, जिसकी मांग कम होती है। पॉजिटीव ब्लड की ही आवश्यकता होती है। ब्लड बैंक में ब्लड की कमी का कारण जन जागरुकता में कमी है। यहां ब्लड बैंक में हर व्यक्ति फ्री में सुविधा चाहता हैं। जब कोई रक्तदान नहीं करेगा, तो यहां ब्लड उपलब्धता कैसे होगी। हर व्यक्ति ने जागरुकता का परिचय देकर अपने परिजनों के लिए
स्वयं रक्तदान करना चाहिए।

*स्टाफ की भी कमी*
जिला अस्पताल के नए सोलह पलंग वार्ड में संचालित ब्लड बैंक में 5 सदस्यीय स्टाफ है। इसमें 5 लेब टेक्नीशियन और 2 स्टाफ नर्स कार्यरत है, जिनको 24 घंटे राउंडवार ड्यूटी देना पड़ती है। कई बार रक्तदान शिविर लगने पर चार-पांच की संख्या में स्टाफ वहां जाता हैं, तब ब्लड बैंक में मात्र 1-2 कर्मियों को ही काम संभालना पड़ता है।

*जन्मदिन पर किया रक्तदान*
शहर निवासी रोटरी क्लब के गिरिश जैन नवकार ने अपने जन्मदिन पर मंगलवार शाम ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान किया। वे जन्मदिन पर हर बार रक्तदान करते है। पांचवीं बार रक्तदान के दौरान उन्होंने अन्य लोगों से भी अपने जन्मदिन, विशेष मौकों व दिवंगतों की याद में जरुरतमंदों के लिए रक्तदान करने का आह्वान किया।