शहडोल जिले के व्यवहारी थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन अब कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देता नजर आ रहा है। तहसीलदार से मारपीट और एएसआई की मौत जैसी सनसनीखेज घटनाओं के बाद भी रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिन-रात थाने के सामने से अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर बेखौफ दौड़ रहे हैं।

पूरे इलाके में खुलेआम अवैध उत्खनन और परिवहन चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में यह काला कारोबार फल-फूल रहा है। थाना प्रभारी जिया उल हक की कार्यप्रणाली पर भी क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि तेज रफ्तार ट्रैक्टर कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। सड़क पर चल रहे आम लोगों की जान जोखिम में है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है।

अब जनता पूछ र क्या प्रशासन किसी और मौत या बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है, या फिर रेत माफियाओं पर सच में नकेल कसी जाएगी?