छतरपुर में सिलेंडर ब्लैक करने वाले ने खोले कई राज, बताई पूरी कहानी
छतरपुर में रसोई गैस सिलेंडर की कालाबाज़ारी को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। सिलेंडर ब्लैक करने वाले एक व्यक्ति ने खुद सामने आकर पूरे नेटवर्क की कहानी बयां की और बताया कि किस तरह गैस सिलेंडरों को अवैध तरीके से ब्लैक में बेचा जाता है।
उसने बताया कि गैस एजेंसियों से निकलने के बाद कई बार सिलेंडर सीधे उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचते, बल्कि बीच में ही कुछ लोग इन्हें पकड़ लेते हैं। इसके बाद इन्हें जरूरतमंद लोगों को अधिक कीमत पर बेच दिया जाता है। कई बार घरेलू सिलेंडरों को होटल, ढाबों और छोटे व्यापारियों को भी ऊंचे दामों पर दिया जाता है।
ब्लैकर ने बताया कि सामान्य कीमत से 200 से 400 रुपये तक ज्यादा लेकर सिलेंडर बेचे जाते हैं। गैस की अचानक बढ़ती मांग या समय पर सप्लाई न मिलने का फायदा उठाकर यह धंधा चलता है। उसने यह भी कहा कि इस काम में कुछ बिचौलियों का पूरा नेटवर्क सक्रिय रहता है, जो एजेंसी से लेकर ग्राहक तक सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था करते हैं।
इस खुलासे के बाद प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर नियमित रूप से जांच और सख्त कार्रवाई हो तो इस तरह की कालाबाज़ारी पर रोक लग सकती है।
फिलहाल इस मामले के सामने आने के बाद लोगों में काफी चर्चा है और प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 🚨

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