मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: ग्राम विकास में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह विभाग ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता, और ग्रामों को सड़कों से जोड़कर विकास की मुख्य धारा में शामिल करने में अहम योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प अनुसार, 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में इन योजनाओं का योगदान रहेगा।
बैठक की मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
- महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, और प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण जैसी योजनाओं की उपलब्धियों और नवाचारों की प्रस्तुति की गई।
- मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना को गति देने के निर्देश दिए गए।
- अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करने के लिए कार्य योजना बनाने की बात कही गई।
विभागीय उपलब्धियाँ
- प्रदेश में 2,472 ग्राम सेवा सदन और 106 अटल सुशासन भवनों की स्वीकृति।
- 3,560 सामुदायिक भवन निर्माण को स्वीकृति।
- नर्मदा परिक्रमा पथ के 231 आश्रय स्थलों पर पौध-रोपण।
- जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 60,428 कार्य।
- महात्मा गांधी नरेगा के तहत 2025-26 में 1,404 लाख मानव दिवस का सृजन।
आगामी योजनाएं
अगले तीन वर्षों में, सरकार की योजना है कि स्वीकृत गतिविधियों को समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा। पंचायतों की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए आय के स्रोतों को बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ अन्य विभागों का भी समन्वित क्रियान्वयन किया जाएगा। ग्रामों में सुगम आवागमन के लिए मुख्यमंत्री सुगम संपर्कता परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्राम विकास को प्राथमिकता दे रही है। सूचना प्रौद्योगिकी के साथ अद्यतन तकनीकों का उपयोग इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाएगा।

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