• प्रशासन की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे आमजन में विश्वास बढ़े - कलेक्टर
• एआई के उपयोग से राजस्व संबंधी कार्यों को बनाया जा सकता है अधिक सरल, तेज और प्रभावी - कलेक्टर
• समयबद्ध निराकरण से लंबित मामलों की संख्या स्वतः होगी कम, विकास कार्यों में भी आएगी तेजी - कलेक्टर
• समय सीमा में हो प्रकरणों का निराकरण, आमजन को न लगाना पड़े कार्यालयों के चक्कर - कलेक्टर
• कलेक्टर की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने जिले में संचालित राजस्व संबंधी कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा राजस्व व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्व वसूली, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अर्जन, लोक सेवा गारंटी प्रकरण, सीएम हेल्पलाइन, सारा पोर्टल, उपार्जन कार्य, ई-विकास के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था तथा फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आमजन से जुड़ा विभाग है, इसलिए प्रत्येक प्रकरण का निराकरण संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन सहित सभी राजस्व संबंधी शिकायतों एवं प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने राजस्व वसूली कार्यों की समीक्षा करते हुए वसूली अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
सीमांकन प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से पटवारियों को निर्देशित किया कि वे सीमांकन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फसल कट चुकी है, इसलिए सीमांकन कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का यह सबसे उपयुक्त समय है। उन्होंने सभी पटवारियों को प्रतिदिन नियमित रूप से सीमांकन कार्य करने और लंबित प्रकरणों का गंभीरता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। बुधनी क्षेत्र में सीमांकन के लंबित मामलों को लेकर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने को कहा तथा विवादित सीमांकन प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में 50 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए, ताकि आमजन को समय पर सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने सारा पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की भी समीक्षा की और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
भू-अर्जन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि इन मामलों में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध निराकरण से लंबित मामलों की संख्या स्वतः कम होगी और विकास कार्यों में भी तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-अर्जन से जुड़े प्रकरणों में आवश्यक समन्वय बनाकर कार्यवाही करें तथा प्रभावित पक्षों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से करें।
बैठक में किसानों से जुड़े विषयों पर भी विशेष फोकस किया गया। कलेक्टर ने जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने ई-विकास के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इसे किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ अधिक सुगमता से उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के शत-प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाना सुनिश्चित करें तथा इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
बैठक में कलेक्टर ने तकनीक और नवाचार के उपयोग पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि ई-दक्ष के माध्यम से पटवारियों को एआई आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर राजस्व संबंधी कार्यों को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे न केवल कार्यों में गति आएगी बल्कि प्रकरणों के निराकरण में भी पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होगी।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करें, मैदानी स्तर पर कार्यों की समीक्षा करें तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे आमजन में विश्वास बढ़े और लोगों को समय पर राहत मिल सके। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, श्री रविंद्र परमार, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा सहित राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। इसके साथ ही सभी अनुभागों के राजस्व अधिकारी विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
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