वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे प्रश्न

देवरी कलां रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही अभयारण्य) के अंतर्गत सिंगपुर परिक्षेत्र में बन रही वन चौकी के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया एवं गुणवत्ताहीन सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती और दीर्घायु पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।

गुणवत्ता की अनदेखी

  • निर्माण में नाले की रेत का उपयोग किया जा रहा है।
  • सरिया और सीमेंट का अनुपात तय मापदंडों के अनुसार नहीं है।
  • जंग लगे और निम्न गुणवत्ता वाले सरियों का उपयोग किया जा रहा है।
  • तराई (क्योरिंग) की प्रक्रिया भी व्यवस्थित रूप से नहीं हो रही है।

निरीक्षण की कमी

ग्रामीणों का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की कमी के चलते ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। अन्य विभागों का हस्तक्षेप और तकनीकी परीक्षण न होने के कारण निर्माण की गुणवत्ता पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है।

वन्य संरक्षण के लिए बन रही चौकी

यह चौकी वन्यजीव संरक्षण और गश्ती व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। यदि निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन होगा, तो भवन की उपयोगिता और सुरक्षा दोनों पर संकट उत्पन्न हो सकता है।

ग्रामीणों की मांग

  • निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच हो।
  • उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की प्रयोगशाला जांच हो।
  • दोषी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

अब यह देखना होगा कि वन विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या इस महत्वाकांक्षी टाइगर रिजर्व परियोजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती है या नहीं।