बुरहानपुर 

 

 

 

एक फोन कॉल पर डायल 112 दौड़ पड़ी युवक की जान बचाने के लिए।

 

डायल-112 के जवानों की जांबाजी: 3 किलोमीटर दौड़कर रेलवे ट्रैक पर सुसाइड करने जा रहे किशोर को बचाया।

 

*बुरहानपुर* जिले के थाना लालबाग क्षेत्र में डायल-112 की टीम ने अपनी तत्परता और सूझबूझ से एक मासूम की जिंदगी बचा ली। घरेलू विवाद से नाराज होकर आत्महत्या करने जा रहे एक 16 वर्षीय किशोर को पुलिस जवान ने करीब 3 किलोमीटर तक पीछा कर मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

 

*मां की एक कॉल और एक्शन में आई पुलिस*

घटना लालबाग के मिलचाल क्षेत्र की है। यहां रहने वाली फरियादी द्वारा फोन कॉल करके बताया कि मेरा पुत्र गुस्से में आकर किसी बात पर घरेलू विवाद हो गया था। इससे नाराज होकर आत्महत्या करने की बात कहकर रेलवे स्टेशन की ओर भाग गया। घबराई मां ने तुरंत डायल-112 पर कॉल कर इसकी सूचना दी।

 

*रेलवे ट्रैक पर मौत की दौड़ और जांबाज जवान*

 

सूचना मिलते ही डायल-112 कंट्रोल रूम में तैनात आरक्षक पवन महाजन ने बिना एक पल गंवाए लालबाग थाना की 'FRV 03' गाड़ी को तत्काल मौके के लिए रवाना किया।

वाहन में तैनात *आरक्षक शेख रिजवान* और *पायलट भूषण* तेजी से रेलवे ट्रैक की ओर पहुंचे। उन्होंने देखा कि आशुतोष लालबाग-पाटोंडा रेलवे पटरी पर आगे बढ़ रहा है। जवानों ने उसे दूर से ही आवाज देकर रुकने को कहा, लेकिन आवाज सुनते ही किशोर ने पटरी पर और तेज दौड़ना शुरू कर दिया।

 

*3 किमी का पीछा और मिला जीवनदान:*

 

खतरा भांपते हुए आरक्षक शेख रिजवान ने अपनी जान की परवाह न करते हुए पटरी पर ही उसके पीछे दौड़ लगा दी। करीब 3 किलोमीटर तक लगातार पीछा करने के बाद आखिरकार जवान ने किशोर को पकड़ लिया और सुरक्षित तरीके से पटरी से नीचे उतारा।

 

*पुत्र को देखकर मन के चेहरे एवं परिवार में लौटी खुशियां*

 

डायल-112 की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की बदौलत एक बड़ा हादसा टल गया। जवानों ने किशोर को सुरक्षित लाकर समझा-बुझाकर उसके रोते-बिलखते परिवार के सुपुर्द कर दिया। समय रहते मिली इस मदद के लिए पीड़ित परिवार ने डायल-112 की टीम और मध्य प्रदेश पुलिस का सहृदय आभार व्यक्त किया है।

 

*मुख्य भूमिका*:- ASI मुकर्रिम खान (प्रभारी रेडियो/ डायल 112) आरक्षक 115 पवन महाजन, आरक्षक 477 शेख रिजवान,

पायलट भूषण