*राजस्व कार्यों में गति लाने के लिए किया गया पटवारियों का संलग्नीकरण, जिला प्रशासन ने अफवाहों पर लगाया विराम...*

 

 

​छतरपुर। पिछले कुछ दिनों से पटवारियो के संलग्नीकरण को लेकर गलियारों में चल रही चर्चाओं और खबरों पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन के अनुसार, पटवारी अमरदीप रिछारिया और अभिषेक गोस्वामी के संबंध में जारी किए गए आदेश पूरी तरह से प्रशासनिक दृष्टिकोण और कार्य की सुगमता को ध्यान में रखकर लिए गए हैं।

​नियमों के दायरे में हुआ बदलाव

​सदर पटवारी अमरदीप रिछारिया का संलग्नीकरण बकस्वाहा तहसील में और अभिषेक गोस्वामी को ईशानगर से छतरपुर सदर के पद पर पदस्थ करने का निर्णय जिला कलेक्टर पार्थ जैसवाल के अनुमोदन के पश्चात अपर कलेक्टर के हस्ताक्षरों से जारी किया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि यह कोई स्थानांतरण नहीं, बल्कि संलग्नीकरण (Attachment) है, जो आवश्यकतानुसार समय-समय पर किया जाता है। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा जारी आदेश भी वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों के अनुपालन में ही है।

 

विश्वस्त सूत्रों की मानें तो, इस मामले को अनावश्यक तूल देने के पीछे कुछ व्यक्तिगत हितों के चलते दो पूर्व अधिकारियों की चर्चा भी दिन भर सुर्खियों में रही, जो दोनों पटवारियों की कुंडली सार्वजनिक और आदेश को लेकर सलाह देते रहे...

​सोशल मीडिया पर भी कुछ लोगों द्वारा पटवारी अमरदीप रिछारिया और कुछ लोगों ने अभिषेक गोस्वामी को व्यक्तिगत रूप से टारगेट कर मामले को तूल देने की कोशिश की जाती रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि जिला प्रशासन ने केवल सरकारी कामकाज को गति देने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया है। प्रशासन का मुख्य फोकस राजस्व संबंधी कार्यों को समय सीमा में पूरा करना और जनता को राहत पहुंचाना है।