गौरझामर में वन विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप: महिलाओं के साथ मारपीट और अपमानजनक व्यवहार

सागर जिले के देवरी विकासखंड के गौरझामर क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारियों की दबंगई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम बरकोटी के करीब 15 महिलाओं और पुरुषों ने वन विभाग के अधिकारियों पर मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता माया अहिरवार ने बताया कि गांव के मजदूर तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल गए थे। जब वे पत्ते तोड़कर वापस लौट रहे थे, तो चोपड़ा क्षेत्र के पास वन विभाग की टीम ने उन्हें रोका। पीड़ितों का आरोप है कि वनकर्मियों ने उनसे 4,000 रुपये की मांग की। पैसे न देने पर उन्हें जबरन गौरझामर स्थित वन विभाग कार्यालय ले जाया गया।

मारपीट और अभद्रता के आरोप

पीड़ित महिलाओं ने थाने में दिए आवेदन में कहा कि वन परिक्षेत्र अधिकारी दीपांकर सिंह, साजिया खान और सूरज जाटव ने उनके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें डराया-धमकाया गया और उनके साथ मारपीट भी की गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि वे पीढ़ी दर पीढ़ी जंगल से भरण-पोषण करते आ रहे हैं, लेकिन अब ठेकेदारों की मिलीभगत से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

क्षेत्रीय विधायक बृज बिहारी पटेरिया की प्रतिक्रिया

इस मामले में देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, "मजदूर अपनी शिकायत लेकर मेरे पास आए थे। जब मैंने वन परिक्षेत्र अधिकारी से बात की, तो उन्होंने गुमराह करने की कोशिश की और ठेकेदार का पक्ष लिया। गरीबों पर जुल्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"

अधिकारियों का पक्ष

  • पुलिस प्रशासन: गौरझामर थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
  • डीएफओ (दक्षिण सागर) वरुण यादव: "मामला फिलहाल मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं पूरी जानकारी लेकर, यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो आवश्यक कार्रवाई करूंगा।"

इस मामले का जल्द से जल्द समाधान होना आवश्यक है ताकि ग्रामीणों का विश्वास बहाल हो सके और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।