*गुना: डॉक्टर की लापरवाही से गई आदिवासी सहरिया महिला की जान, मौत के बाद भी नहीं हटाया ऑक्सीजन मास्क, पोस्टमार्टम के लिए वार्ड बॉय ने मांगे 1000 रुपए*
*उपशीर्षक:*
परिजनों का आरोप - दुर्घटना में घायल महिला को नहीं मिला इलाज, स्टाफ ने पैसों के लिए शव को बनाया बंधक
*गुना, 22 अप्रैल 2026*
जिला अस्पताल गुना में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल आदिवासी सहरिया समुदाय की महिला की डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने मरीज को देखा तक नहीं और समय पर उपचार न मिलने से उसकी जान चली गई।
*मौत के बाद भी नहीं हटाया ऑक्सीजन मास्क*
मृतका के परिजन राजेश सहरिया ने बताया कि महिला की मौत होने के बाद भी करीब आधे घंटे तक शव के मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगा रहा। अन्य मरीजों के लिए जरूरी बीपी मशीन और मॉनिटर भी शव से नहीं हटाए गए। जब परिजनों ने हंगामा किया तब जाकर स्टाफ ने उपकरण हटाए।
*पोस्टमार्टम के लिए मांगे 1000 रुपए*
परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला की मौत के बाद जब शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की बात आई तो वार्ड बॉय ने स्ट्रेचर पर शव रखने के एवज में 1000 रुपए की मांग की। रुपए न देने पर शव को वार्ड में ही छोड़ दिया गया। गरीब आदिवासी परिवार के पास पैसे न होने के कारण वे घंटों तक शव के पास बिलखते रहे।
*"डॉक्टर ने पलटकर देखा तक नहीं" – परिजन*
मृतका की जेठानी सुनीता बाई ने रोते हुए बताया, "हमारी बहू को ठेला ने टक्कर मार दी थी। हम उसे लेकर अस्पताल भागे। इमरजेंसी में ले गए तो डॉक्टर साहब कुर्सी पर बैठे रहे। हमने हाथ जोड़े, पैर पकड़े, लेकिन उन्होंने मरीज को हाथ तक नहीं लगाया। बोलते रहे ‘देख रहे हैं’। इसी में उसकी सांस टूट गई। अगर समय पर इलाज मिल जाता तो आज वो जिंदा होती।"
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Negligence Claims Life of Tribal Woman in Guna

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