होली पूर्व: समूह की महिलाएं तैयार कर रही हैं केमिकल मुक्त हर्बल होली गुलाल
फूल और सब्जियों से तैयार कर रही हैं गुलाल, बाजार में खासी चर्चा
होली के त्योहार की तैयारियां जोरों पर हैं। रंगों और गुलाल के इस त्योहार में लोग बाजारों में रंगों का चुनाव करते नजर आ रहे हैं। इसी बीच, एक विशेष हर्बल गुलाल बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे समूह की महिलाएं तैयार कर रही हैं। यह गुलाल पूरी तरह से केमिकल मुक्त है और महिलाओं के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन रहा है।
मण्डला: रोजगार की कमी में एक नई पहल
मण्डला, एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र, जहां रोजगार की कमी अक्सर देखी जाती है। यहां की एक संस्था त्योहारों से पहले महिलाओं को रोजगार से जोड़ रही है। होली के पहले इन महिलाओं को प्राकृतिक सामग्री जैसे पलाश के फूल, गेंदे के फूल, पालक भाजी, और चुकंदर से गुलाल तैयार करने का काम दिया गया है।
- फूलों और सब्जियों को सिलबट्टे में पीसकर गुलाल बनाया जाता है।
- महिलाएं सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से अपने उत्पाद बेच रही हैं।
- इस हर्बल गुलाल से शरीर पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं होता।
महिलाओं की पहल: एक नई दिशा
तुलसी चंद्रोल, समूह की एक सक्रिय सदस्य, बताती हैं कि उनका ग्रुप 'माहिष्मती फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी' के तहत काम करता है। वे प्राकृतिक तरीके से गुलाल बना रही हैं, जिसे बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित माना जाता है।
संगीता गुप्ता, एक अन्य सदस्य, कहती हैं कि बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंगों से लोगों को नुकसान होता है, जिससे वे होली के रंगों से दूर भागने लगे थे। लेकिन हमारे हर्बल गुलाल से इन चिंताओं का समाधान हो गया है।
प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग
नीलेश दुबे, एक गांव टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट के कार्यकारी, कहते हैं कि यह हर्बल गुलाल पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल मुक्त है। इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे अमेजॉन और फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकता है। यह पहल किसानों को भी फूलों की खेती से जोड़ रही है।
निष्कर्ष
प्राकृतिक संसाधनों से बना यह हर्बल गुलाल न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह महिलाओं को रोजगार भी प्रदान कर रहा है। इसके माध्यम से होली का त्योहार और भी सुरक्षित और आनंदमय हो जाता है।

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