स्वास्थ्य व्यवस्था पर सियासी संग्राम तेज, कमलेश्वर पटेल का राजेंद्र शुक्ला पर सीधा हमला

 

STATE NEWS AI JOURNALIST SURAJ KUMAR 

 

भोपाल/रीवा। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज होता नजर आ रहा है। लगातार सामने आ रही स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं के बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार को सीधे तौर पर घेरा है।

 

कमलेश्वर पटेल का कहना है कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार स्वास्थ्य के मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो चुकी है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और लगातार सामने आ रही घटनाएं सरकार की नाकामी और जवाबदेही की कमी को उजागर कर रही हैं।

 

पटेल ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा नहीं दे सकते तो कम से कम अपना विभाग बदलवा लें।

 

हालांकि, कमलेश्वर पटेल ने इसी बात के साथ सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “सारा, विभाग ही इसी तरह का है।” उनके इस बयान ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चल रही सियासी बहस को और गरमा दिया है।

 

कांग्रेस नेता का आरोप है कि जब प्रदेश की जनता बेहतर इलाज और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान हो, अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल उठें और गंभीर घटनाएं सामने आती रहें, तो सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी।

 

कमलेश्वर पटेल ने साफ चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार स्वास्थ्य मंत्री को बचाने में लगी रही, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश के हर जिले और हर मोर्चे पर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर आवाज बुलंद करेगी।

 

उन्होंने कहा कि जनता की जान से खिलवाड़ अब और बर्दाश्त नहीं होगा।

 

अब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के हमले के बाद भाजपा सरकार के सामने बड़ा राजनीतिक सवाल खड़ा हो गया है—क्या सरकार स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला की जिम्मेदारी तय करेगी, या कांग्रेस के इस मुद्दे को प्रदेशव्यापी आंदोलन में बदलने का मौका देगी?

 

स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा अब सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि मध्यप्रदेश की सियासत में सरकार बनाम विपक्ष की नई जंग का मुद्दा बनता जा रहा है।