👉🏼*बोरगांव की लिटिल स्टेप स्कूल के एक परिसर में कई अलग-अलग संस्थाएं हो रही संचालित*
सौसर क्षेत्र के बोरगांव लिटिल स्टेप स्कूल का ममला चर्चा में चल रहा है संबंधित एक कालेज नकल प्रकरण का चर्चा चल रही है तो वहीं अब दूसरे कॉलेज में ही एग्जाम सेंटर लाने के कारण यह भी चर्चा का विषय बना ह क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि इस कॉलेज और स्कूल में एडमिशन लेने के पूर्व पालक से चर्चा की जाती कि बच्चा भली-भांति रूप से पास पास होने की भी गारंटी ली जाती है आखिर सवाल उठता है कि क्या यह भी नकल का खेल चलता है अब लिटिल स्टेप जैसे कॉलेज पर उंगली उठाने शुरू हो गया है क्या इस कॉलेज की भी जल्द जांच होनी चाहिए अब सवाल उठतके यह छोटा सा कैंपस होने के बाद इतना विशाल कैसा हो गया क्या इस पर वन विभाग की जमीन पर कब्जा किया गया अवैध रूपससे जांच के लिए आवाज उठने लग हैं हालांकि हाई टेंशन बिजली की परमिशन किस आला अधिकारी ने दिए या फिर बिना परमिशन के ही यहां चलाया जा रहा है यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा तो छोटे-छोटे बच्चों से लेकर 22 वर्ष के बच्चों की पढ़ाई एक साथ भला कैसे बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास संभव*
👉🏼*शिक्षा विभाग के आल्हा अधिकारी के संज्ञान होने के बावजूद चलाई जा रही है इस स्कूल को*
*मध्य प्रदेश शासन के आखिर किस आलाशिक्षा अधिकारी ने हाई टेंशन बिजली की चपेट में दे दी स्कूल को परमिशन*
*सौसर। शिक्षा के नाम पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। बोरगांव स्थित लिटिल स्टेप स्कूल के परिसर के ऊपर एवं आसपास से हाई टेंशन बिजली की लाइन गुजरने की बात सामने आई है।*
*स्कूल परिसर में बच्चे प्रतिदिन पढ़ाई के साथ खेलकूद भी करते हैं, ऐसे में अभिभावकों के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।*
*नियमों को नजरअंदाज कर स्कूल संचालन की अनुमति प्रदान की गई?*
*एक ओर शिक्षा विभाग बच्चों के बेहतर भविष्य और सुरक्षा के लिए नियम-कायदों की बात करता है, वहीं दूसरी ओर हाई टेंशन बिजली की लाइनों के बीच संचालित स्कूल को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।*
*स्कूल की अनुमति, सुरक्षा मानकों और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच भला कब होगी जब न निचले स्तर से उच्च स्तर के अधिकारी इसमें मिले हो*
*बड़ा सवाल—क्या बच्चों की जान से खिलवाड़ हो रहा है? इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?*
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