नरसिंहपुर/गोटेगाँव:-(मोहन सिंह राजपूत)-जिले में बुधवार को केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल आयोजित की गई। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स तथा एमपीसीडी केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर जिलेभर के करीब 400 मेडिकल स्टोर बंद रखे गए। हड़ताल के माध्यम से केमिस्ट्स ने अवैध और अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

गोटेगांव नगर के केमिस्ट एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम संबोधित ज्ञापन नरसिंहपुर, गाडरवारा, गोटेगांव और तेंदूखेड़ा के एसडीएम के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की अवैध बिक्री, बिना डॉक्टर के वैध पर्चे के दवाओं की होम डिलीवरी तथा ऑनलाइन कंपनियों द्वारा भारी छूट देकर छोटे व्यापारियों को हो रहे आर्थिक नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

केमिस्ट्स ने GSR 817(E) और GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग भी की। उनका कहना है कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग कर ऑनलाइन कंपनियां दवाओं की अनियंत्रित डिलीवरी कर रही हैं, जिससे छोटे व्यापारियों के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।

एसोसिएशन ने यह भी कहा कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं और उनकी बिक्री सख्त नियमों के तहत ही होनी चाहिए। बिना उचित सत्यापन के ऑनलाइन दवा बिक्री से जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा अवैध दवा बिक्री और नकली दवाओं के कारोबार पर भी सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई।

केमिस्ट समुदाय ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी भूमिका को याद दिलाते हुए कहा कि उस कठिन समय में उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर्स की तरह लोगों तक दवाएं पहुंचाईं, लेकिन आज उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।

गोटेगांव में हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। हालांकि, जरूरतमंद मरीजों के लिए आपातकालीन दवाओं की व्यवस्था कर केमिस्ट्स ने मानवीय जिम्मेदारी का भी निर्वहन किया।