TET परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर हजारों शिक्षक सड़को पर उतरे  ,सुप्रीम कोर्ट ने कही छूट की बात ,लेकिन विभाग थोप रहा परीक्षा ।

बड़वानी -टीईटी परीक्षा रद्द की मांग को लेकर हजारों शिक्षक शिक्षिकाय सड़कों पर उतर आए और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिले के समस्त जिला मुख्यालय स्थित शिक्षक हाई स्कूल में एकत्रित होकर बाइक के रूप में रैली निकालते हुए नारे बाजी के साथ कलेक्टर ऑफिस पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार सोनू गोयल को ज्ञापन सौंपा।

शिक्षक मोर्चा के नेताओं, हेमेंद्र मालवीय और कसर सिंह सोलंकी का कहना है कि नियमों के मुताबिक पुराने नियुक्त शिक्षकों को TET परीक्षा से छूट दी गई है। लेकिन इसमें 2001 से पहले और बाद के शिक्षक, साथ ही 'गुरुजी' से संविदा शिक्षक बने लोग शामिल हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी इस छूट की बात कही है, लेकिन इसके बावजूद विभाग जबरदस्ती परीक्षा थोप रहा है।

*पुराने आदेशों को रद्द करने की मांग*

मोर्चा के जिला संयोजक शैलेंद्र यादव और रघुवीर सोलंकी ने मांग की है कि लोक शिक्षण और जनजातीय कार्य विभाग ने मार्च 2026 में जो नए आदेश जारी किए हैं, उन्हें तुरंत वापस लिया जाए। हॉलाकि शिक्षकों का कहना है कि यह नियम पुराने फैसलों और अधिसूचना के खिलाफ हैं।

*पहली नियुक्ति से मिले वरिष्ठता*

शिक्षकों की एक बड़ी मांग यह भी है कि उनकी सर्विस की गिनती पहली जॉइनिंग की तारीख से की जाए। जिला संयोजक राधेश्याम यादव और राकेश योगी ने कहा कि अगर ऐसा होता है, तो शिक्षकों को पेंशन, ग्रेच्युटी और छुट्टी जैसे लाभ मिल सकेंगे। शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी वरिष्ठता और हक के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगे।