मध्यप्रदेश की राजनीति में इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर सवाल उठने के बावजूद, बीजेपी सरकार के मंत्री इसे नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में कटनी जिले में एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की नगरीय प्रशासन मंत्री प्रतिमा बागरी मीडिया के तीखे सवालों से बचती नजर आईं।

कटनी में आयोजित राज्य शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल होने पहुंची मंत्री प्रतिमा बागरी से जब इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने विषय बदलते हुए केवल कार्यक्रम से संबंधित बातें कीं। मीडिया के लगातार सवाल पूछने पर भी मंत्री ने सीधे जवाब देने से परहेज किया और तेजी से कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया।

कार्यक्रम में मौजूद कटनी सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कई अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। हालांकि, बीजेपी नेताओं का सवालों से बचना और मंच छोड़कर जाना अब राजनीतिक बहस का कारण बन रहा है।

विपक्ष का आरोप

  • विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा है।

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अब न सिर्फ प्रशासनिक चिंता का विषय है, बल्कि यह राजनीतिक संवेदनशीलता का मुद्दा भी बन चुका है। जनता और विपक्षी दल सरकार से तत्काल कार्रवाई और स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।