जबलपुर के अधारताल क्षेत्र में संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावास के भवन निर्माण में लगातार हो रही देरी को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। छात्रों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण वर्षों बीत जाने के बाद भी नया छात्रावास भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।

 

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में विभागीय आदेश के बाद छात्रावास के एक भवन को जर्जर स्थिति के चलते तोड़ दिया गया था। इसके बाद 18 सितंबर 2022 को माननीय उपराष्ट्रपति एवं माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा नए छात्रावास भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया था। भूमि पूजन के दौरान जल्द निर्माण कार्य शुरू होने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दिया।

 

छात्रों का कहना है कि अधारताल छात्रावास परिसर में संचालित दो छात्रावासों के जर्जर भवनों को पहले ही तोड़ा जा चुका है, लेकिन अब तक निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी गई है। इससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

 

वर्तमान में स्थिति यह है कि एक ही भवन में दो-दो छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। इससे छात्रों को रहने, पढ़ाई करने, भोजन व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि कमरों की कमी के कारण कई विद्यार्थियों को असुविधाजनक परिस्थितियों में रहना पड़ रहा है।

 

छात्रों एवं सामाजिक संगठनों ने शासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि छात्रावास निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिल सके। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।