केसली के आदिवासी गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या होगी अतीत, जल्द मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी

मध्य प्रदेश के सागर जिले की देवरी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले विकासखण्ड केसली के आदिवासी बाहुल्य गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या अब जल्द ही अतीत की बात हो सकती है। क्षेत्रीय विधायक बृजबिहारी पटैरिया के प्रयासों के चलते केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन क्षेत्रों की नेटवर्क स्थिति की विस्तृत जांच करवाई है।

जांच रिपोर्ट: नेटवर्क सुधार की दिशा में ठोस कदम

जांच में पाया गया कि केसली के प्रमुख आदिवासी गांवों—बसा, तुलसीपार, खपरा खेड़ा, झिरिया खेड़ा, बेरखेड़ी और जोलनपुर में दूरसंचार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ऑप्टिकल फाइबर रिंग कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है।

वर्तमान नेटवर्क कवरेज की स्थिति

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इन गांवों में बीएसएनएल (BSNL) के साथ-साथ निजी ऑपरेटरों की उपस्थिति भी है। कई क्षेत्रों में 4G सेवाएं पहले से ही सक्रिय हैं।

  • बसा एवं तुलसीपार: BSNL, Airtel, RJIL (Jio), VIL | BSNL-4G, Airtel (4.8), Jio (4.7), VIL (6.1)
  • खपरा खेड़ा: Airtel, BSNL, RJIL, VIL | BSNL-4G, Airtel (4.8), Jio (4.7), VIL (6.9)
  • झिरिया खेड़ा: BSNL | BSNL-4G (दूरी 1 KM)
  • बेरखेड़ी: BSNL | BSNL-4G (दूरी 1 KM)
  • जोलनपुर: BSNL, RJIL, Airtel, VIL | BSNL (0.5), Jio (3.7), Airtel (3.6), VIL (4.3)

डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ते कदम

विधायक बृजबिहारी पटैरिया ने आदिवासी क्षेत्रों को ऑप्टिकल फाइबर रिंग कनेक्टिविटी से जोड़ने की मांग की थी, ताकि नेटवर्क में आने वाले उतार-चढ़ाव को रोका जा सके। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि BSNL-4G का कवरेज अधिकांश गांवों में प्रभावी है, लेकिन कनेक्टिविटी को और स्थिर बनाने के लिए तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।

मुख्य लाभ:

  • शिक्षा: ऑनलाइन शिक्षण सामग्री और सरकारी पोर्टलों का लाभ आदिवासी छात्र उठा सकेंगे।
  • बैंकिंग: ऑनलाइन भुगतान और बैंकिंग सेवाओं में आने वाली रुकावटें दूर होंगी।
  • स्वास्थ्य: आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं से संपर्क करना आसान होगा।

संचार मंत्रालय की सक्रियता से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आने वाले दिनों में केसली के दूरदराज के क्षेत्रों में निर्बाध मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होगा, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों का जीवन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

"हमारा लक्ष्य है कि देवरी विधानसभा का हर गांव डिजिटल रूप से सशक्त हो। संचार मंत्रालय द्वारा की गई यह जांच और भविष्य की योजनाएं क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।" — क्षेत्रीय विधायक पटैरिया (देवरी-केसली)