आधुनिक युग में प्राचीन परंपरा का संदेश दे रहा कुकरा बसाहट में बनाया नर्मदाई भवन
डूब विस्थापित केवट परिवार ने मिट्टी, चूने, पत्थर व लकड़ी से बनाया अनोखा मकान

बड़वानी -शहर से सटी कुकरा-राजघाट बसाहट में एक अनोखे घर का लोकार्पण कार्यक्रम हुआ। सरदार सरोवर बांध परियोजना के डुब विस्थापित परिवारों को यहां प्लॉट अलॉट किए गए है। इस दौरान राजघाट के एक केवट परिवार ने आधुनिक युग में अपने के लिए अनोखा घर तैयार किया। यह घर में सीमेट, सरिया, कांच, लोहा, रेत की बजाय पारंपरिक लकड़ी, कवेलु, मिट्टी, चूने का उपयोग किया गया है। परिवार ने इस घर को नर्मदाई भवन नाम दिया है।  नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर सहित अन्य लोगों ने इसका लोकार्पण किया। मेधा पाटकर ने कहा कि देश-दुनिया में मकानों के निर्माण में अत्याधुनिक संसाधन, रेत,
सीमेंट, सरिया, लोहा आदि धातु और सामग्री का उपयोग होने लगा हैं। जिससे पारंपरिक गृह निर्माण की तकनीक बदल गई है। इससे रेत खनन और सीमेंट की खदानें प्रकृति, ग्रामीणों, जल, नदी पर आघात हो रहा है। जिससे अवैधता भी साबित हो रही है और पर्यावरणीय कानून का उल्लंघन भी इसके मद्देनजर वैकल्पिक तकनीक से प्राकृतिक, स्थानीय संसाधनों का उपयोग ही अधिकतर करके गृह निर्माण हो, यह आज एक बेहद जरूरत बन गई है। नर्मदाई भवन के लोकार्पण अवसर पर मेधा पाटकर सहित सहित ग्रामीण मौजूद रहे।

*पीढ़ियों से घाटी में बसे नाविक समाज के युवा की पहल*
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रात्यक्षिक नर्मदा घाटी के पवन केवट नाम के पीढ़ियों से नाविक समाज के रहे एक युवा साथी का घर बनाने में कुछ आर्किटेक्टस अनूप रंगोले और दीक्षा बहन का मार्गदर्शन मिला। तितली बहन और विकास की अवधारणा पर अध्ययन कर चुकी ,युवती का भी सहयोग और प्रोत्साहन मिला। उपस्थितों ने नर्मदाई भवन की इस निरंतर और न्याय पूर्णता को आधार बनती तकनीक को प्रसारित करने का निर्णय लिया।

*खिलवाड़ किया कुदरत बदला लेगी....*

ज्ञात हो कि पवन केवट ऐसा नाविक हैं, जिसने 2019 में सरदार सरोवर की बड़ी डूब से ग्रस्त होते गए राजघाट के निवासी, उनका सामान,
मवेशी बचाने में बड़ा योगदान दिया था। इसलिए पवन ने अपने मकान का नाम नर्मदाई रखा। इस दौरान मेधा पाटकर ने उपस्थितों के साथ कुदरत से खिलवाड़ किया तो कुदरत बदला लेगी... गीत का गायन भी किया।

*नर्मदाई भवन से पीले किए हाथ...*
दरअसल अक्षय तृतीया के दिन  पवन ने अपने पारंपरिक तरीके से निर्मित घर का लोकार्पण किया और वहीं से उनके विवाह की शुरुआत की हाथ पीले किए। जानकारी के अनुसार नर्मदा आंदोलन के साथी पवन केवट से जुड़े रहे। पवन के नर्मदाई भवन की दीवारों को प्रकृति प्रेमी कलाकार संजय भोसले ने अपनी कला से सजाया। जिसमें प्रकृति, नदी, बिरसा मुंडा जैसे रंग-बिरंगे चित्र उकेर क सुंदरता बढ़ाई।