बड़वानी :-अध्यापक संयुक्त मोर्चा और ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि मंडल टीईटी के मुद्दे पर मंगलवार को राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मिला। उनके समक्ष प्रतिनिधि मंडल ने विस्तार पूर्वक बातें रखते हुए इसका समाधान कराने की मांग की। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनाए उनसे सहमति व्यक्त की तथा शिक्षकों की पीड़ा को उचित बताते हुए आश्वस्त किया कि वे इस विषय में मुख्यमंत्री को उचित मार्गदर्शन एवं सुझाव प्रदान करेंगे। जिससे समस्या का समाधान संभव हो सके।
मप्र ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश मीडिया प्रभारी इरफान मंसूरी, प्रदेश सचिव हेमेंद्र मालवीय, जिला अध्यक्ष कसर सिंह सोलंकी ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया
उइके के नेतृत्व में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संयोजक डीके सिंगौर, प्रदेश महासचिव सुरेश यादव, दिलीप मरावी, हिरानंद नरवरिया आदि ने राज भवन में राज्यपाल से भेंट कर टीईटी की अनिवार्यता से उपजे संकट से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के पश्चात टीईटी को अनिवार्य किया गया है तथा उसी अनुरूप भर्तियां की जाती रहीं हैं, लेकिन 1 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए भी टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है। इस निर्णय के चलते लगभग 57 वर्ष उम्र तक के शिक्षकों को भी टीईटी परीक्षा देना आवश्यक हो गया है। जिससे शिक्षकों में व्यापक चिंता व्याप्त है।