गाडरवाड़ा, नरसिंहपुर: संवेदनशीलता, सेवा और मानवता की एक अनोखी मिसाल उस वक्त देखने को मिली जब सीआईएसएफ यूनिट ने न केवल देश की सुरक्षा बल्कि समाज की पीड़ा को भी समझते हुए एक गंभीर बीमारी से जूझ रही छात्रा की मदद के लिए आगे आई।

यह घटना नरसिंहपुर जिले के चिचली क्षेत्र की है, जहां 14 वर्षीय कक्षा 10वीं की छात्रा सोनम मेहरा, जो खैरी चिचली नगर के वार्ड क्रमांक 14 की निवासी है, लंबे समय से रीढ़ की हड्डी की गंभीर विकृति से पीड़ित है। इस बीमारी के कारण सोनम को असहनीय दर्द और दैनिक जीवन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने सोनम के लिए तत्काल सर्जरी की सलाह दी है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 8 लाख रुपये है। हालांकि, आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये की मदद मिल रही है, लेकिन शेष राशि जुटाना परिवार के लिए बेहद मुश्किल था। सोनम के पिता का पहले ही निधन हो चुका है, और उसकी मां दैनिक मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। पांच बहनों वाले इस परिवार के लिए इतने बड़े इलाज का खर्च उठाना लगभग असंभव था।

इसी बीच, UPAY नामक एनजीओ के माध्यम से यह मानवीय मामला सीआईएसएफ यूनिट जी एस टी पी पी गाडरवाड़ा के संज्ञान में आया। इसके बाद, सीआईएसएफ यूनिट ने सोनम के इलाज के लिए धन संग्रह का बीड़ा उठाया।

यूनिट प्रभारी श्रेय कुमार पाण्डेय, उप कमांडेंट के मार्गदर्शन में अधिकारियों और जवानों ने स्वेच्छा से योगदान दिया। सिर्फ दो दिनों के भीतर ₹1,15,500 रुपये की राशि एकत्रित कर ली गई।

आज, 6 फरवरी 2026, को यह राशि सोनम मेहरा के बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ट्रांसफर की गई। इस दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य, लगभग 20 सीआईएसएफ कार्मिक और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सोनम की मां ने कहा, "सीआईएसएफ ने हमारी बेटी के लिए जो किया, वो हम कभी नहीं भूल सकते। यह मदद हमारे लिए नई जिंदगी की उम्मीद है।"

इस मानवीय पहल से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा बल केवल सीमाओं की रक्षा नहीं करते, बल्कि समाज की पीड़ा को भी समझते हैं और मदद के लिए आगे आते हैं।