मध्य प्रदेश में दस्तक अभियान का दूसरा चरण: बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम
केसली (सागर) - मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत 'दस्तक अभियान' के दूसरे चरण की शुरुआत होने जा रही है। 17 फरवरी से 19 मार्च तक चलने वाले इस विशेष अभियान का लक्ष्य बच्चों के स्वास्थ्य की गहन जांच और कुपोषण मुक्त भविष्य सुनिश्चित करना है।
इस अभियान के दौरान केसली ब्लॉक सहित सागर जिले के हर कोने में स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य: पहचान और त्वरित उपचार
दस्तक अभियान का प्राथमिक लक्ष्य 9 माह से 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय रहते पता लगाना है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करेंगी:
- कुपोषण की पहचान: कम वजन और गंभीर कुपोषित बच्चों (SAM/MAM) को चिन्हित कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) तक पहुँचाना।
- विटामिन 'ए' अनुपूरण: बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और आंखों की रोशनी बेहतर करने के लिए उन्हें विटामिन 'ए' की खुराक दी जाएगी।
- गंभीर रोगों की जांच: एनीमिया (खून की कमी), निमोनिया और जन्मजात बीमारियों की स्क्रीनिंग।
मैदानी अमला पहुंचेगा आपके द्वार
यह अभियान महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से चलाया जाएगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ANM), आशा कार्यकर्ता (ASHA) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संयुक्त रूप से घर-घर जाकर बच्चों का वजन, ऊंचाई और स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी।
महत्वपूर्ण: यदि किसी बच्चे में बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाएगा ताकि समय पर इलाज सुनिश्चित हो सके।
अभिभावकों से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि जब स्वास्थ्य कर्मी उनके घर पहुँचें, तो वे अपने बच्चों की जांच अवश्य कराएं और जानकारी साझा करने में सहयोग करें। बच्चों का समय पर टीकाकरण और पोषण परीक्षण उन्हें भविष्य की गंभीर बीमारियों से बचा सकता है।
इस अभियान का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाना है, और आपकी भागीदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

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