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बोर्ड परीक्षा का डर हुआ छूमंतर: जमुनिया-चिखली स्कूल बना 'आदर्श केंद्र', तिलक लगाकर और फूल बरसाकर हुआ छात्रों का स्वागत

सागर कलेक्टर की मंशा के अनुरूप केसली के स्कूल में दिखा अनूठा नजारा; परीक्षा को 'तनाव' नहीं 'उत्सव' की तरह मनाया गया।

February 10, 2026 03:26 PM 1 min read 147 views
बोर्ड परीक्षा का डर हुआ छूमंतर: जमुनिया-चिखली स्कूल बना 'आदर्श केंद्र', तिलक लगाकर और फूल बरसाकर हुआ छात्रों का स्वागत
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बोर्ड परीक्षा का डर हुआ छूमंतर: जमुनिया-चिखली स्कूल बना 'आदर्श केंद्र', तिलक लगाकर और फूल बरसाकर हुआ छात्रों का स्वागत
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बोर्ड परीक्षा का डर हुआ छूमंतर: जमुनिया-चिखली स्कूल बना 'आदर्श केंद्र', तिलक लगाकर और फूल बरसाकर हुआ छात्रों का स्वागत
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बोर्ड परीक्षा का डर हुआ छूमंतर: जमुनिया-चिखली स्कूल बना 'आदर्श केंद्र', तिलक लगाकर और फूल बरसाकर हुआ छात्रों का स्वागत

मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षाओं में सागर जिले का 'आदर्श परीक्षा केंद्र' केसली (सागर)- सागर जिले के केसली में इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश की बोर्ड परीक्षाएं एक सुखद बदलाव के साथ शुरू हुईं। सागर कलेक्टर संदीप जीआर की प्रेरणा और शिक्षा विभाग के नवाचारों के चलते केसली विकासखंड का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमुनिया-चिखली एक 'आदर्श परीक्षा केंद्र' के रूप में उभरा। यहां परीक्षा देने आए छात्र-छात्राओं का स्वागत किसी अतिथि की तरह किया गया, जिससे परीक्षा का माहौल डर के बजाय उत्साह में बदल गया।

फूल, गुब्बारे और आत्मीयता: स्वागत की नई परंपरा परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार को रंगीन गुब्बारों और ताजे फूलों से सजाया गया था। जैसे ही छात्र केंद्र पर पहुँचे, शिक्षकों ने उन पर पुष्पवर्षा की, तिलक लगाया और फूल मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। केंद्र अध्यक्ष आर.के. चौरसिया और संस्था परीक्षा प्रभारी अरुण कुमार दुबे के नेतृत्व में इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के मन से परीक्षा के तनाव को पूरी तरह खत्म करना था।

विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं हेल्प डेस्क: प्रवेश द्वार पर ही सहायता केंद्र बनाया गया, जहाँ रोल नंबर और बैठने की व्यवस्था की तत्काल जानकारी दी गई। स्टेशनरी बैंक: यदि कोई छात्र पेन या पेंसिल भूल गया, तो उसके लिए 'स्टेशनरी बैंक' से नि:शुल्क सामग्री उपलब्ध कराई गई। अभिभावक प्रतीक्षा स्थल: बच्चों को छोड़ने आए पालकों के बैठने के लिए छायादार स्थान और शीतल पेयजल की व्यवस्था रही। सकारात्मक माहौल: पूरे परिसर में प्रेरक कोट्स और संदेशों के पोस्टर लगाए गए, ताकि छात्र मानसिक रूप से सशक्त महसूस करें। शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों का निर्देशन इस अभिनव पहल के दौरान सहायक संचालक शिक्षा केसली (BEO) कु. रूपल जैन ने स्वयं उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि "परीक्षा केवल अंकों का मूल्यांकन नहीं है, बल्कि यह छात्र के आत्मविश्वास का उत्सव है।"

इस दौरान केंद्र अध्यक्ष आर.के. चौरसिया, सहायक केंद्र अध्यक्ष मानक लाल मेहरा, वरिष्ठ शिक्षक अरुण कुमार दुबे, इंद्रपाल लोधी, डॉ. राहुल चौरसिया, डॉ. अरविंद यादव और नीलेश सेन सहित समस्त स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई।

क्षेत्र में हो रही है सराहना जमुनिया-चिखली स्कूल की इस संवेदनशीलता और अनुशासन के तालमेल ने पूरे सागर जिले के लिए एक मिसाल पेश की है। अभिभावकों का कहना है कि इस तरह के स्वागत से बच्चों की घबराहट दूर हुई और वे शांत मन से परीक्षा हॉल में जा सके। सोशल मीडिया पर भी इस 'आदर्श परीक्षा केंद्र' की तस्वीरें खूब साझा की जा रही हैं।

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