आंगनवाड़ी केंद्रों में पारदर्शिता के नए आयाम: दीवारों पर चमकेगा बच्चों का नाम केसली(सागर): आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सागर जिले के केसली सहित सभी ब्लॉकों में आंगनवाड़ी केंद्रों की दीवारों पर बच्चों के नाम सार्वजनिक रूप से लिखे जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य विभागीय सेवाओं में पारदर्शिता लाना और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
दीवारों पर प्रकाशित होंगे बच्चों के नाम अक्सर यह देखा गया है कि कागजों पर दर्ज बच्चों की संख्या और वास्तविक उपस्थिति में अंतर होता है। इस नई व्यवस्था के तहत:
प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में दर्ज सभी बच्चों के नाम मुख्य दीवार पर स्थायी रूप से लिखे जाएंगे। अभिभावकों को यह जानने में आसानी होगी कि उनके बच्चे का नाम रिकॉर्ड में शामिल है या नहीं। यह पहल फर्जी हाजिरी और योजनाओं के गलत लाभ को रोकने में मददगार सिद्ध होगी। पोषण आहार की जानकारी अब सबके सामने भोजन की गुणवत्ता और वितरण को लेकर भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए विभाग ने मेनू चार्ट को दीवार पर लिखवाने का निर्देश दिया है।
मोटे अक्षरों में लेखन: आंगनवाड़ी में मिलने वाले पोषण आहार की साप्ताहिक सूची दीवार पर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखी जाएगी। ग्रामीणों की जागरूकता: कोई भी ग्रामीण दीवार पढ़कर जान सकेगा कि किस दिन बच्चों को क्या आहार मिलना चाहिए। निगरानी में आसानी: इससे स्व सहायता समूह और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की जवाबदेही बढ़ेगी, क्योंकि ग्रामीण स्वयं इसकी निगरानी कर सकेंगे। क्यों आवश्यक है यह बदलाव? पारदर्शिता: सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार का छिपाव नहीं रहेगा। जवाबदेही: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अपनी जिम्मेदारी का अहसास रहेगा। शिक्षा और जागरूकता: बच्चों के नाम और आहार की जानकारी देखकर ग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होंगे। इस नवाचार से न केवल केसली बल्कि पूरे सागर जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों की छवि में सुधार आने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि जब जानकारी सार्वजनिक होती है, तो व्यवस्था में सुधार अपने आप होने लगता है।
विशेषज्ञों का मानना है: "दीवारों पर जानकारी सार्वजनिक होने से न केवल ग्रामीणों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम होगी। यह शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक सही तरीके से पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"

Continue With Google
Comments (0)