मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के धामनोद गांव में 'ग्रामोदय से अभ्युदय' अभियान के तहत एक भव्य जलसा आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम ने गांवों की तस्वीर बदलने के लिए चल रहे प्रयासों को नई दिशा दी। जन अभियान परिषद के तत्वावधान में आयोजित ग्राम विकास पखवाड़ा (12 से 26 जनवरी) के अंतर्गत हैदरगढ़ सेक्टर में यह आयोजन खासा उत्साहजनक रहा।
सांस्कृतिक धमाका: बच्चों ने जीता सबका दिल
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर बच्चों ने मंच पर ऐसी मनमोहक छटा बिखेरी कि हर कोई तालियां बजाने पर मजबूर हो गया। नन्हे कलाकारों ने अपनी कला के जरिए संदेश दिया कि गांव का भविष्य अब नई उड़ान भरने को तैयार है।
विवेकानंद के विचारों से नई ऊर्जा
स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए अशोक अहिरवार ने युवाओं में जोश भर दिया। उन्होंने कहा कि विवेकानंद के सिद्धांतों को अपनाकर ही हम गांव का कायाकल्प कर सकते हैं। अपने ओजस्वी उद्बोधन में उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा और वृक्षारोपण को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
विकास की मास्टर प्लानिंग: आत्मनिर्भर बनेगा धामनोद
ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सचिव ने गांव के विकास का पूरा खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस तरह समितियां और नवांकुर संस्थाएं मिलकर सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचा रही हैं। कार्यक्रम में नवांकुर संस्था के राजपाल चौहान और समिति के अध्यक्ष सहित तमाम सदस्यों ने गांव को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया।
भारी भीड़ और दिग्गजों का जमावड़ा
इस कार्यक्रम में सरपंच, पंचायत सचिव नत्थू सिंह अहिरवार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य, समस्त स्टाफ और भारी संख्या में ग्रामीण जन शामिल हुए। कार्यक्रम का सफल संचालन गजेन्द्र प्रजापति ने किया। अंत में पंचायत सचिव ने सभी का आभार जताते हुए इस मुहिम को गांव के कोने-कोने तक ले जाने की बात कही।

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