नर्मदा पुल को कब मिलेगा सुसाइड पाइंट से छुटकारा, लगातर दूसरे दिन हुई छलांग लगाने की घटना
इंटेक वेल पर रस्से से बंधी लाइफ सपोट रिंग से बची बुजुर्ग की जान, सुरक्षा इंतजाम को लेकर जिम्मेदार अनजान
बड़वानी -जिला मुख्यालय के समीप नर्मदा नदी पर बने पुल पर बीते एक दशक से सुसाइड करने वालों का सिलसिला नहीं थम रहा हैं। लगातार हो रही घटनाओं से नर्मदा नदी पर बना डेढ़ किमी पुल को सुसाइड पाइंट से छुटकारा नहीं मिल पा रहा हैं। फिर एक बुजुर्ग ने नर्मदा में छलांग लगा दी। गनीमत रही कि इंटेक वेल के कर्मी ने तत्काल रस्से से बंधी लाइफ सपोट रिंग नदी में फेंकी, जिसे पकड़कर बुजुर्ग की जान बच पाई। बाद में एसडीई आरएफ टीम ने रेस्क्यू कर बुजुर्ग को नदी से बाहर निकाला। वहीं एक दिन पूर्व सुबह भी धार जिले का एक युवक पारिवारिक समस्या की वजह से नर्मदा में कूद गया था, जिसका रेस्क्यू कर जान बचाई गई थी। पुलिस के अनुसार समीप ग्राम छोटी कसरावद स्थित नर्मदा पुल से कासेल निवासी बुजुर्ग धनलाल चौहान ने अचानक नदी में छलांग लगा दी। मौके पर तैनात इंटेकवेल के कर्मी ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए अनमोल जिंदगी को बचा लिया। इंटेकवेल पर कार्यरत कर्मचारी बबलू डोडवे ने बुजुर्ग को नदी में डूबते देखा। बबलू ने बिना देरी किए पूर्व नपा सीएमओ के प्रयास से पुल पर रस्से से बांधकर रखी लाइफ सपोर्ट रिंग नदी में फेंकी। जिसे बुजुर्ग धनलाल ने मजबूती से पकड़ लिया। वहीं बुजुर्ग के नदी में कूदने की सूचना पर एसडीइआरएफ टीम ने पहुंचकर नाव से रेस्क्यू कर बुजुर्ग को किनारे लगाया। इसके बाद डायल 112 की मदद से बुजुर्ग को जिला अस्पताल चेकअप के लिए भेजा गया। इस दौरान वाहन चालक विकास चौहान, पंकज शिंदे, दीपक जादव, सुरेश नरगांवे, अजय डोडवे, सोहन मंडलोई सहित डायल 112 पर तैनात आरक्षक सुरेंद्र का सहयोग रहा।
*निगरानी के लिए लगे कैमरे भी बंद*
उल्लेखनीय है कि पुल पर बीते वर्षों में लगाए गए कैमरे बंद है। जिस पुल से कूदने वाले लोगों की जानकारी रिकॉर्ड नहीं हो पाती। साथ ही दिन के साथ रात में कई बार लोग अचानक से छलांग लगा देते हैं। जिससे किसी को पता नहीं चल पाता। ऐसे में पुल पर किसी की बाइक चप्पल या अन्य सामग्री मिलने पर किसी के कूदने या छलांग लगाने के आशंका के बाद सचिंग की जाती है।
*लंबे समय से हो रही रेलिंग बढ़ाने कमी मांग*
पुल से कूदने की आए दिन होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए सामाजिक संगठनों द्वारा सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने पुल के रेलिंग ऊंची करने की मांग की जा रही है। नर्मदा पुल के दोनों और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। दो किमी लंबा पुल मात्र नगर पालिका के इंटेकवेल पर रस्सी से बांधे गए लाइफ सपोर्ट ट्यूब के सहारे है। पुल से किसी के कूदने पर मौजूद कर्मी लाइफ सपोट ट्यूब रिंग नदी में फेंकता है। जिसे पकड़कर कई लोगों की जान भी बचाई गई है। हालांकि पुल से कूदने की घटनाओं को रोकने के लिए बचाव का साधन के लिए कंटिली तार फेसिंग या जाली लगाई जानी चाहिए आवश्यक है।

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