*बेगमगंज में नल-जल योजना की बड़ी लापरवाही, मुख्य मार्ग पर खुले गहरे गड्ढे बने हादसे का कारण
बेगमगंज। नगर की वार्ड क्रमांक 14 स्थित चुरक्का पशु अस्पताल के सामने नल-जल योजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। ठेकेदार की लापरवाही के कारण मुख्य मार्ग पर गहरे गड्ढे खोदकर खुले छोड़ दिए गए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मौके पर न तो कोई बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए हैं।
दिनभर इस मार्ग से दोपहिया, चारपहिया वाहन, स्कूली बच्चे, मरीज और आम नागरिकों का आवागमन रहता है। रात के समय यह खुले गड्ढे किसी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि तत्काल बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और पाइपलाइन कार्य शीघ्र पूरा कर सड़क को पूर्ववत किया जाए, ताकि किसी अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके।
प्रमुख बिंदु:
वार्ड क्रमांक 14, चुरक्का पशु अस्पताल के सामने का मामला।
नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य।
मुख्य सड़क पर खुले पड़े गहरे गड्ढे।
बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड का अभाव।
नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। संगीत स्वास्थ्य सेवा समिति ने स्व. मोहम्मद रफी साहब को दी श्रद्धांजलि*

रफी साहब केवल एक गायक ही नहीं थे सुरों की एक ऐसी दुनिया थे जिसमें प्रेम था दर्द था भक्ति थी देशभक्ति थी मस्ती थी और इंसानियत की खूबसूरत भावना उक्त विचार कार्यक्रम का संचालन कर रहे जाने वाले जादूगर *विक्रम सिंह ठाकुर* ने व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी *भगवान सिंह ठाकुर* एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे *पार्षद बृजेश लोधी*  ने  रफी साहब की फोटो पर तिलक लगाकर एवं माल्यार्पण कर संगीतमय कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
स्वर संगीत एवं स्वास्थ्य सेवा समिति के सुरीली आवाज के धनी गायक *पवन दुबे* ने रफी साहब का जब दर्द भरा गीत *"आजा तुझको पुकारे मेरे गीत रे* ओ मेरे मितवा"सुनकर श्रोताओं  आंखें नम हो गई , *डॉ . जितेन्द्र सिंह तोमर* ने अपने शानदार आवाज में रफी साहब का जब यह गीत *तुम मुझे यूं भुला न पाओगे* सुनाया  और फिर  *ये चांद सा रोशन चेहरा, ज़ुल्फ़ों का रंग सुनहरा* ये झील सी नीली आँखें, कोई राज़ है इनमें गहरा तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया यह गीत सुनकर दर्शक तालियां बजाने के लिए मजबूर हो गए और खुशियों से झूम उठे।
पूर्व सैनिक *मनमोहन सिंह तोमर* ने *"बदन पे सितारे लपेटे हुए* ओ जाने तमन्ना किधर जा रही हो " जब यह गीत सुनाया तो दर्शकों को शम्मी कपूर की अदाएं याद आ गई और सभी झूम उठे, नगर की युवा तरुणाई *सुनील सोनी*   ने एक दर्द भरा नगमा " वो जब याद आए बहुत याद आए"नगर की शानदार आवाज के धनी  *निलेश मिश्रा* ने 
मुझे इश्क है तुझी से,
मेरी जान ए ज़िन्दगानी
तेरे पास मेरा दिल है
मेरे प्यार की निशानी गीत सुनकर श्रोताओं ने सराहना की।
गीत संगीत का कार्यक्रम देर रात तक चला और कार्यक्रम का आभार व्यक्त *सुनील सोनी* ने किया