बुरहानपुर पुलिस का ‘डिजिटल कमाल’: 13 लाख के 70 गुम मोबाइल बरामद, साइबर सेल ने लौटाई लोगों के चेहरों की मुस्कान

बुरहानपुर। बुरहानपुर पुलिस ने एक बार फिर अपनी सक्रियता और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए गुम हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाकर लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। जिला पुलिस अधीक्षक Devendra Kumar Patidar के नेतृत्व में जिला साइबर सेल और थानों में गठित साइबर हेल्प डेस्क टीम ने लगातार तकनीकी प्रयासों के माध्यम से बड़ी सफलता हासिल की है।

पिछले तीन माह के दौरान साइबर सेल ने केंद्र सरकार के Sanchaar Saathi CEIR Portal की मदद से मोबाइल ट्रेसिंग अभियान चलाया। इस अभियान के तहत अलग-अलग कंपनियों के कुल 70 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये आंकी गई है।

बरामद किए गए मोबाइलों में विवो के 23, ओप्पो के 17, रेडमी के 12, सैमसंग के 5, रियलमी के 3, मोटोरोला के 3, वनप्लस के 3, इनफिनिक्स के 2, पोको का 1 और जियोफोन का 1 मोबाइल शामिल है। इन मोबाइलों की कीमत करीब 10 हजार से 40 हजार रुपये तक है, जिनमें कई महंगे एंड्रॉयड स्मार्टफोन भी शामिल हैं।

साइबर सेल की प्रभावी ट्रैकिंग और लगातार फॉलोअप के कारण ये मोबाइल केवल बुरहानपुर जिले से ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती जिलों धार, खरगोन, अलीराजपुर तथा पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से भी बरामद किए गए। बरामद किए गए मोबाइलों में कई मोबाइल पढ़ाई करने वाले छात्रों के भी थे, जिन्हें वापस पाकर उन्होंने खुशी जाहिर की।

मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने बुरहानपुर पुलिस और साइबर सेल टीम का आभार व्यक्त करते हुए इस जनहितैषी कार्य की सराहना की।

पुलिस अधीक्षक Devendra Kumar Patidar ने आम नागरिकों को सलाह दी कि यदि उनका मोबाइल गुम हो जाए तो तुरंत Sanchaar Saathi CEIR Portal या संचार साथी एप पर शिकायत दर्ज करें, ताकि मोबाइल के अनाधिकृत उपयोग को रोका जा सके और उसे ट्रेस किया जा सके।

मोबाइल ट्रेसिंग अभियान को सफल बनाने में साइबर सेल टीम के आरक्षक दुर्गेश पटेल, सत्यपाल बोपचे, ललित चौहान, शक्ति सिंह तोमर सहित सभी थानों के साइबर हेल्प डेस्क कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

एसपी पाटीदार ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि “जनता की मदद करना और उनकी खोई हुई वस्तुओं को वापस दिलाना पुलिस का मानवीय कर्तव्य है।”