रायसेन। जिले की तहसील अंतर्गत नीमखेड़ा के ग्राम केवटी स्थित एक अवैध ईंट भट्टे पर प्रशासन ने छापेमार कार्रवाई कर बंधुआ मजदूरी का मामला उजागर किया। यह कार्रवाई एक नाबालिग की शिकायत पर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर राजस्व, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
जांच के दौरान मौके पर 12 परिवारों के लगभग 35 से 40 लोग भट्टे पर कार्यरत मिले, जिनमें महिला और बच्चे भी शामिल थे। अधिकांश परिवार 10 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक के कर्ज में दबे पाए गए। मजदूरों ने बताया कि कर्ज चुकाने तक उन्हें भट्टा छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाती। शिकायतकर्ता नाबालिग ने आरोप लगाया कि भट्टा संचालक ने उसे 8वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल होने से रोका और जबरन काम कराया।
मौके पर मजदूरों के रहने की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई। 8×8 फीट की झोपड़ियों में पूरा परिवार रहने को मजबूर था और कई मजदूर बीमार भी मिले, जिनका स्वास्थ्य विभाग ने उपचार किया। प्रशासन ने जांच के बाद नाबालिग सहित तीन परिवारों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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