*ग्राम चाबी के ग्रामीणों के लिए भारी- मुसीबत बनी मंडला- डिडौरी सड़क निर्माण कम्पनी- जिम्मेदार बे खबर*

 

*सड़क निर्माण कम्पनी कि- मनमानी उत्खनन और- हजारों डम्पर डस्ट व गिट्टी कि स्टाक से खत्म हो रहा चाबी कि मुख्य नाला का अस्तित्व*

 

*मंडला / मोहगांव / चाबी-* खबर मंडला जिले कि विकासखंड मोहगांव कि ग्राम चाबी से है- *जंहा मंडला से डिंडोरी सड़क निर्माण कार्य- अब ग्राम चाबी के ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है-* बताते दें कि- सड़क निर्माण कंपनी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे *अवैध और मनमाने उत्खनन- व नाला के किनारे पर स्टाक किए गए हजारों डम्पर- गिट्टी व डस्ट के स्टाक के कारण* ग्राम चाबी का मुख्य नाला- रोहा नाला अब धीरे धीरे- अपना अस्तित्व खो रहा है

 

*ग्राम चाबी के स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि- यह नाला स्थानीय ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी जल स्रोत है- यह रोहा नला ग्राम चाबी के आमजन से लेकर- ग्राम के पालतू जानबरों सहित अन्य जीव जंतुओं के लिए जीवन दायनी है- जिसके नष्ट होने से पूरे क्षेत्र में जल संकट का खतरा मंडरा रहा है*

 

सांथियो- विकास की रफ्तार जब *आम जनता के विनाश का कारण बनने लगे- तो सवाल उठना लाजिमी है-* ऐ बेहद संवेदनशील मामला मंडला जिले कि *विकासखंड मोहगांव कि ग्राम चाबी की है-* जंहा मंडला डिंडोरी सड़क निर्माण कर रहे कम्पनी नियम कानून को ताक पर रखकर अपनी मनमानी कर रहा है

 

और मंडला से डिंडौरी सड़क बनाने का जिम्मा संभालने वाली निर्माण कंपनी *अब- ग्राम चाबी के स्थानीय ग्रामीणों के लिए आफत बन चुकी है-* सड़क निर्माण कंपनी पर आरोप है कि- वह ग्राम चाबी में नियमों को ताक पर रखकर- *स्वीकृत जगह को छोड़कर अन्य जगहों पर बेहद मनमाने ढंग से अवैध उत्खनन कर रही है-* और रोहा नाला कि कि बिल्कुल किनारे से- अवैध तरीके से हजारों डम्पर- गिट्टी व डस्ट का स्टाक कर दिए हैं- इस अंधाधुंध खोदाई के कारण और नाला पर भारी तदात में किए गए- गिट्टी और डस्ट स्टाक से- ग्राम चाबी के ग्रामीणों की जीवनदायिनी कहे जाने वाली रोहा नाला का अस्तित्व ही समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है

 

विकास का ढांचा खड़ा करने के लिए जिम्मेदार निर्माण कंपनी ने *ग्राम चाबी के पर्यावरण और जल स्रोतों को पूरी तरह से तहस- नहस कर दिया है- कंपनी द्वारा किए जा रहे भारी अवैध उत्खनन- व डस्ट और गिट्टी कि मनमानी स्टाक की वजह से यहां का ऐतिहासिक प्राकृतिक नाला अब अपना वजूद खोता जा रहा है*

 

आपको बता दें कि- *ग्राम चाबी कि यह रोहा नाला कोई आम नाला नहीं- बल्कि ग्राम चाबी के सैकड़ों ग्रामीणों की जीवनदायिनी जल स्रोत है- और खेती- किसानी से लेकर मवेशियों के पीने के पानी सहित और दैनिक जरूरतों के लिए पूरा गांव इसी जल स्रोत पर निर्भर है-* लेकिन मुनाफे की भूख में अंधी हो चुकी निर्माण कंपनी ने नाले के स्वरूप को ही बिगाड़ कर रख दिया है

 

*ग्रामीणों का कहना है कि- सड़क निर्माण कंपनी वाले रात- दिन यहां अवैध खोदाई कर रहे हैं- हमारा नाला- डस्ट और गिट्टी से पूरा पट दिया गया है- आने वाले दिनों में हमारे पास पीने के पानी की एक बूंद नहीं बचेगी- जानवर कहां जाएंगे- प्रशासन सुन नहीं रहा है- रोड बनाना अच्छी बात है- लेकिन हमारे जल स्रोत को खत्म करके सड़क बनाना कहां का न्याय है*

 

सड़कें कनेक्टिविटी सुधारने के लिए होती हैं- लोगों की जिंदगी की डोर काटने के लिए नहीं- *ग्राम चाबी के लोगों की बुनियादी जरूरत- उनका यह जल स्रोत आज इस कंपनी की लापरवाही और मनमानी की भेंट चढ़ रहा है-* बड़ा सवाल यह है कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग की नाक के नीचे यह अवैध उत्खनन कैसे चल रहा है