मानवता की मिसाल: अशफाक मेवाती जी ने बचाई अनजान व्यक्ति की जान
राघौगढ़: नेकी में बड़ी बरकत है, और जीवन बचाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं। इस कहावत को साकार करते हुए राघौगढ़ के श्री अशफाक मेवाती ने मानवता के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दिखाई।
कल राघौगढ़ कंटेनर एरिया में अचानक हार्ट अटैक का शिकार बने प्रतापगढ़, उत्तरप्रदेश निवासी श्री पदम लाल यादव (उम्र 50 वर्ष), जो BPCL में अग्रवाल कंपनी के गैस टैंकर ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं। जैसे ही इस घटना की जानकारी वार्ड क्रमांक 11 के श्री अशफाक मेवाती जी को मिली, उन्होंने तुरंत श्री यादव जी को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का बीड़ा उठाया।
- श्री अशफाक जी ने पदम लाल जी को SADA शासकीय अस्पताल पहुंचाया।
- इसके बाद, GAIL अस्पताल में ईसीजी कराया।
- स्थिति गंभीर होने पर बिना समय गंवाए गुना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
श्री अशफाक ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी राघौगढ़ के विधायक आदरणीय कुंवर श्री जयवर्द्धन सिंह जी “बाबा साहब” को दी, जिन्होंने तुरंत निर्देश दिए कि इलाज में कोई कमी न रहे। बाबा साहब ने लगातार पदम लाल जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके परिजनों को आश्वस्त किया कि वे अब स्वस्थ हैं।
तत्परता और संवेदनशीलता: विधायक श्री जयवर्द्धन सिंह जी और श्री अशफाक मेवाती जी के मानवीय प्रयासों से समय पर उपचार मिलने के कारण पदम लाल यादव जी की जान बचाई जा सकी। वर्तमान में पदम लाल जी स्वस्थ हैं और उनके परिजन उन्हें बेहतर उपचार हेतु लखनऊ लेकर गए हैं।
बाबा साहब ने पदम लाल जी से फोन पर बात करते हुए कहा, “आप जल्द स्वस्थ होकर राघौगढ़ आना, फिर मुलाकात होगी।”
इस घटना ने यह साबित किया कि मानवता और तत्परता ही हमारे समाज को एक दूसरे से जोड़ती है। श्री अशफाक मेवाती जी द्वारा दिखाया गया यह प्रयास एक मिसाल है, जो हमें सिखाता है कि जरूरत के समय में एक-दूसरे के लिए खड़ा होना कितना महत्वपूर्ण है।

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