रामनगर/मैहर: रामनगर विकास खण्ड के सेवा सहकारी समिति उपार्जन केंद्र सगौनी मसमासी में किसानों के साथ हो रही धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। किसानों की धान तौल कर उसे व्यापारियों के खातों में दर्ज किया जा रहा है, जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
किसानों द्वारा स्लॉट बुकिंग के बाद जब वे उपार्जन केंद्र पर धान लेकर पहुंचते हैं, तो उन्हें तौल का टोकन नहीं दिया जाता। तौल के बाद भी किसानों को धान की तौल की पर्ची नहीं सौंपी जाती है। यह पूरा खेल 'बधाई' के नाम पर होता है।
सूत्रों के अनुसार, पहले तौली गई धान को व्यापारियों के खाते में दर्ज किया जाता है, और उन्हें पहले भुगतान किया जाता है। इसका उदाहरण पिछले वर्ष मनकीसर उपार्जन केंद्र पर देखा गया था, जहां एक करोड़ तेईस लाख रुपये की गड़बड़ी के आरोप समिति प्रबंधक दीपेन्द्र सिंह पर लगे थे। किसान आज भी अपने पूरे भुगतान के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इस मामले में मैहर कलेक्टर ने आपरेटर प्रबंधक की अचल संपत्ति कुर्क कर भरपाई के आदेश दिए थे।
व्यापारियों की गोदामों से धान निकालकर समिति प्रबंधक की सह पर किसानों के नाम पर तौल का पूरा खेल खेला जा रहा है। प्रशासनिक नीति-निर्देशों की अनदेखी करते हुए उपार्जन केंद्र पर अनैतिक गतिविधियों का प्रचलन देखा जा सकता है।
व्यापारियों की धान पर नजर
व्यापारियों के गोदाम से उपार्जन केंद्र पर जाती धान की गतिविधियों को खुद देखें।

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