संवाददाता, जबलपुर पिछले दिनों रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक छात्रा की परीक्षा कॉपी के कुछ प्रश्न जांचे ही नहीं गए थे। इसे लेकर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा किया था। छात्रों ने विवि में लगातार प्रदर्शन किए और मामले की जांच की मांग करते हुए ऐसे अतिथि शिक्षकों को हमेशा के लिए प्रतिबंधित करने की भी मांग की। इस पर अब जाकर विवि प्रबंधन ने एक जांच कमेटी गठित की है और तब अतिथि शिक्षकों को कार्य से पृथक किया गया है।
एनएसयूआई के विश्वविद्यालय प्रभारी अचल नाथ ने पिछले दिनों प्रदर्शन करते हुए यह आरोप लगाया था कि विवि के बीपीएड विभाग में कुछ अतिथि शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की सही जांच किए बिना ही मनमाने तरीके से नम्बर दे रहे हैं। आरोपित अतिथि शिक्षकों में प्राची यादव,
तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनी, छात्र बोले-हमेशा के लिए विवि से बाहर किया जाए
कन्हैया कुमार राठौड़, सुदर्शन सिंह ठाकुर और हेमंत शर्मा के नाम शामिल बताए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलसचिव द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी जाए। कमेटी में महाकौशल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अल्केश चतुर्वेदी, डॉ. ध्रुव दीक्षित प्राध्यापक केशरवानी कॉलेज और डॉ. अलका नायक बीपीएड विभाग रादुविवि को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाया गया है। जांच पूरी होने तक सभी आरोपित अतिथि शिक्षकों को सभी कार्यों से पृथक किया गया है।
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