रीवा हादसे पर जैन समाज का आक्रोश, मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर कठोर कार्रवाई की मांग
नरसिंहपुर: रीवा में जैन साध्वी 105 आर्थिका श्रुतमती माताजी की सड़क हादसे में असामयिक मृत्यु पर जैन समाज ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। इस हृदय विदारक घटना के विरोध में 'दिगंबर जैन महासभा जिला नरसिंहपुर' ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन के अनुसार, 20 मई 2026 की सुबह लगभग 6:00 बजे रीवा में प्रवास कर रहीं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की दीक्षित शिष्या 105 आर्थिका श्रुतमती माताजी और 105 आर्थिका उपशममती माताजी नित्य क्रिया के लिए जा रही थीं। इसी दौरान रीवा कलेक्ट्रेट के सामने सिविल लाइन थाने के पास एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आर्थिका श्रुतमती माताजी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
जैन समाज ने इस घटना को मात्र एक मानवीय त्रुटि मानने से इनकार किया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कार चालक टक्कर मारने के बाद बिना रुके वहां से भाग निकला, जो किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करता है। समाज का कहना है कि जैन साधु-साध्वी पूर्णतः अपरिग्रही होते हैं और आजीवन पैदल (पदविहार) ही यात्रा करते हैं। ऐसे में शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
जैन समाज की प्रमुख मांगें
- रीवा हादसे के जिम्मेदार कार चालक को तत्काल गिरफ्तार कर उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
- मध्य प्रदेश में पदविहार कर रहे जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल को तत्काल विशेष निर्देश जारी किए जाएं।
- सुबह और शाम के समय जब संत विहार करते हैं, तब पर्याप्त पुलिस व्यवस्था मुहैया कराई जाए ताकि ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि संत किसी एक समाज की धरोहर नहीं होते, वे राष्ट्र की नैतिक चेतना होते हैं। जब तपस्वियों का अपमान होता है या उनकी सुरक्षा में चूक होती है, तो वास्तव में समाज की आत्मा आहत होती है।
ज्ञापन सौंपते समय दिगंबर जैन महासभा नरसिंहपुर के अध्यक्ष राजकुमार जैन (गोटेगांव), महामंत्री अजय जैन (तेंदूखेड़ा), कोषाध्यक्ष संजय जैन 'संगम' और बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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