शहडोल में राष्ट्रीय किन्नर महासमागम का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से किन्नर महामंडलेश्वर, जगतगुरु और संत शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान 6 किन्नरों की सनातन धर्म में घर वापसी कर पट्टाभिषेक किया गया।
इस अवसर पर किन्नर समाज द्वारा शहर में विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां, भजन-कीर्तन और सनातन संस्कृति के संदेश आकर्षण का केंद्र रहे।

आयोजन में शामिल वक्ताओं ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश दिया। किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने असली और नकली किन्नरों की पहचान को लेकर चल रहे भ्रम पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद वास्तविक किन्नरों की पहचान जरूरी हो गई है, ताकि समाज को सम्मान और अधिकार मिल सकें।

कार्यक्रम और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।