सिंगरौली

सिंगरौली में अतिक्रमण पर प्रशासनिक सुस्ती? आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

 

 अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के दावों के बीच सिंगरौली जिले के बरगवां क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बरगवा तहसील न्यायालय द्वारा स्पष्ट बेदखली आदेश जारी किए जाने के बावजूद संबंधित भूमि से अतिक्रमण अब तक नहीं हटाया गया है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

 

आदेश के बावजूद जमीन पर कब्जा बरकरार

प्रकरण क्रमांक 0002/अ-68/2025-26 में दिनांक 24/07/2025 को तहसील न्यायालय ने आजादपुर (घिनहागांव) स्थित भूमि सर्वे नं. 27, रकवा 0.2800 हेक्टेयर के अंश भाग 47×20 वर्गमीटर से अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। आदेश के अनुपालन के लिए प्रशासनिक टीम का गठन भी किया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

 

टीम गठित, फिर भी कार्रवाई शून्य

सूत्रों के अनुसार, अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम बनाई गई थी। इसके बावजूद न तो मौके पर प्रभावी कार्रवाई हुई और न ही अतिक्रमणकारियों पर कोई सख्त कदम उठाया गया। यह स्थिति प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

 

स्थानीय लोगों में नाराजगी

क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि यदि न्यायालय के आदेशों का पालन ही नहीं होगा, तो कानून का डर कैसे बनेगा। लोगों ने आरोप लगाया कि कहीं न कहीं दबाव या लापरवाही के कारण कार्रवाई टाली जा रही है।

 

जवाबदेही तय करने की मांग

मामले ने अब तूल पकड़ना शुरू कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि आदेश का तत्काल पालन कराया जाए और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

 

प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब न्यायालय का स्पष्ट आदेश मौजूद है और टीम भी गठित की जा चुकी है, तो आखिर अतिक्रमण हटाने में देरी क्यों हो रही है? क्या यह महज लापरवाही है या फिर इसके पीछे कोई और कारण छिपा है—यह जांच का विषय बनता जा रहा है।