मकर संक्रांति के अवसर पर प्रयागराज के संगम पर दूसरे अमृत स्नान के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। इस मौके पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं।

प्रयागराज के साथ-साथ मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा से सटे रीवा जिले का प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट पर है। नेशनल हाईवे और सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

  • अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
  • यातायात नियंत्रण के लिए विशेष निर्देश
  • आपात स्थिति के लिए प्रशासनिक अमला मुस्तैद

पिछले महाकुंभ के दौरान इन मार्गों पर जाम के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसे ध्यान में रखते हुए, इस बार प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

नेशनल हाईवे 30 के माध्यम से दक्षिण भारत के राज्यों जैसे नागालैंड, महाराष्ट्र, और छत्तीसगढ़ से भी श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं। इसके लिए एमपी और यूपी सीमा के त्यौंथर के चाकघाट में रैन बसेरा की व्यवस्था की गई है।

वहीं, सोहागी पहाड़ की घाटी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को इस पवित्र अवसर पर किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।