विदिशा जिले के नटेरन में पटवारी 30,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
विदिशा जिले के नटेरन में लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार शाम को एक पटवारी को 30,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस अभियान को तहसील कार्यालय के पीछे स्थित पटवारी के निजी दफ्तर में अंजाम दिया गया।
शिकायतकर्ता की पहल पर कार्रवाई:
इस कार्रवाई की शुरुआत विदिशा निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ की शिकायत से हुई। प्रमेन्द्र ने आरोप लगाया कि उनकी पारिवारिक जमीन के बंटवारे, नामांतरण और वारिसान नाम दर्ज करने के लिए पटवारी संदीप यादव ने 30,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर प्रमेन्द्र ने 6 जुलाई 2026 को भोपाल लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
रंगे हाथों गिरफ्तारी:
लोकायुक्त टीम ने पहले शिकायत की सत्यता की जांच की, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद, गुरुवार, 9 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:30 बजे, टीम ने एक जाल बिछाया। जैसे ही प्रमेन्द्र ने पटवारी को पैसे दिए, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
महत्वपूर्ण निर्देश:
- रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
- आम जनता से आग्रह है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
यह घटना सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाइयाँ समाज में विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ावा देती हैं।
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