सीहोर विजय मालवीय
वादाखिलाफी से भडक़े ग्रामीण, जनसंवाद में नहीं पहुंचे अफसर, 11 गांवों ने किया चुनाव बहिष्कार का एलान
ग्रामीण बोले, नहीं लेंगे केन्द्र और
- प्रदेश सरकार की किसी भी योजना का लाभ
सीहोर। इछावर विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक अनदेखी और वादाखिलाफी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना से वंचित 11 गाँवों के ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया, जब तय वादे के मुताबिक अधिकारी जनसंवाद के लिए नहीं पहुंचे। घंटों इंतजार करने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
ग्रामीणों के अनुसार बीते 2 मार्च को प्रशासनिक अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि 6 मार्च को वे गांवों में आकर जनसंवाद करेंगे और परियोजना से जुड़ी सभी समस्याओं का निराकरण करेंगे। लेकिन शुक्रवार को जब 11 गांवों के लोग अपनी आस लेकर एकत्र हुए तो कोई भी जिम्मेदार अधिकारी वहां नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें झांसा देकर शांत करने की कोशिश की गई, जिससे उनकी नाराजगी अब भारी आक्रोश में बदल गई है।
योजनाओं का त्याग, वोटबंदी की भी चेतावनी
अधिकारियों के इस रवैये से दुखी ग्रामीणों ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वे केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की मोहन यादव सरकार की किसी भी योजना का लाभ नहीं लेंगे। आगामी चुनावों में सभी 11 गांवों के मतदाता पूरी तरह से मतदान का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने कहा है कि जब तक उन्हें सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी नहीं मिलता वे किसी भी सरकारी गतिविधि में सहयोग नहीं करेंगे।
स्मार्ट मीटर का विरोध, कर्मचारियों को खदेड़ा
नाराजगी का आलम यह है कि ग्राम दुदलाई में बिजली कंपनी के कर्मचारियों को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गांव में स्मार्ट मीटर लगाने आए ठेकेदार और कर्मचारियों को ग्रामीणों ने नारेबाजी कर वहां से भगा दिया। किसानों का कहना है कि पाइपलाइन गांव के सामने से गुजर रही है, फिर भी उन्हें पानी से वंचित रखा गया है। ऐसे में वे गांवों में किसी भी तरह का नया काम नहीं होने देंगे।
दिग्गज नेताओं के क्षेत्रों में अनदेखी से निराशा
ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षेत्र केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र है और प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का विधानसभा क्षेत्र है। किसानों का कहना है कि वे कई बार इन दिग्गज नेताओं से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासनों की घुट्टी पिलाई जा रही है। ग्राम दुदलाई, दौलतपुर, रूगनाथपुरा, रूपदी, रूपादेह, गादिया, बोदरीखुर्द, डूण्डलावा, बावडियागौसाई, लालियाखेड़ी और कुण्डीखाल के ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि वह आगामी चुनावों के मतदान का बहिष्कार करेंगे।

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