आलोट। वाहन चोरी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रतलाम पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत आलोट अनुभाग पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसडीओपी पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में ताल एवं आलोट पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध जहरीली कच्ची शराब की तस्करी करते एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10 लीटर अवैध कच्ची शराब और बिना नंबर की होंडा शाइन मोटरसाइकिल जब्त की। वहीं, आरोपी से पूछताछ में ग्राम कम्माखेड़ी से चोरी की गई महिंद्रा बोलेरो पिकअप भी बरामद करने में सफलता मिली है।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर जिले में वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने और अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विवेक कुमार लाल के निर्देशन एवं एसडीओपी आलोट पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में आलोट एवं जावरा ग्रामीण अनुभाग की संयुक्त पुलिस टीम गठित की गई थी।

इसी क्रम में 1 नवंबर 2026 को पुलिस ने रामपाल उर्फ महिपाल उर्फ नेपालसिंह (21) पिता हुकमीचंद्र, निवासी ग्राम लाखाखेड़ी, थाना उन्हेल, जिला झालावाड़ (राजस्थान) को अवैध जहरीली कच्ची शराब की तस्करी करते गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 10 लीटर अवैध कच्ची शराब और बिना नंबर की होंडा शाइन मोटरसाइकिल जब्त की गई। इस मामले में थाना ताल पर अपराध क्रमांक 581/26, धारा 49ए मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

पूछताछ में खुला चोरी की पिकअप का राज

पुलिस की पूछताछ में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली। आरोपी ने थाना ताल के अपराध क्रमांक 579/26, धारा 303(2) बीएनएस के तहत ग्राम कम्माखेड़ी से चोरी गई महिंद्रा बोलेरो पिकअप क्रमांक MP13 GA 5716 के संबंध में जानकारी दी। पुलिस ने उक्त चोरी की पिकअप भी आरोपी के कब्जे से बरामद कर ली। आरोपी ने जब्त मोटरसाइकिल नागदा से चोरी करना भी बताया है।

फिलहाल आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर उसके अन्य साथियों और वाहन चोरी की दूसरी वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस की सक्रियता और बेहतर समन्वय का परिणाम

आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में पुलिस टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई को वाहन चोरी और अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। एक मामले में अवैध शराब की तस्करी करते आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चोरी की दोपहिया और चारपहिया वाहन से जुड़े मामलों का खुलासा होना पुलिस की सतर्कता, प्रभावी पूछताछ और अनुभागीय टीमों के बेहतर समन्वय को दर्शाता है।

इनका रहा सराहनीय योगदान

इस कार्रवाई में निरीक्षक स्वराज डाबी, उपनिरीक्षक कांतिलाल सोनार्थी, सहायक उपनिरीक्षक मदनसिंह डोडिया, प्रधान आरक्षक निकोलस लकड़ा, आरक्षक देवेंद्र कायस्थ, हरीशंकर, नितिन सक्सेना, निलेश शर्मा, बाबूलाल मालवीय, अंकित काला एवं दीपक पाटीदार (आलोट) का सराहनीय योगदान रहा।