आलोट। शासकीय सीनियर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, आलोट में छात्राओं के कथित वीडियो बनाए जाने के आरोपों का मामला अब प्रदेश की राजनीति और विधानसभा तक पहुंच गया है। छात्रावास अधीक्षिका द्वारा आलोट थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
अब मंदसौर विधायक विपिन जैन ने मध्यप्रदेश विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से सरकार का ध्यान इस गंभीर प्रकरण की ओर आकर्षित करते हुए दोषी कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासकीय सीनियर अजा बालक छात्रावास के अधीक्षक करणसिंह जाट पर आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति कन्या छात्रावास परिसर में प्रवेश किया और मोबाइल फोन से छात्राओं के वीडियो बनाए।
शिकायत के अनुसार जब छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती निर्मला भाभर ने छात्राओं की सुरक्षा और गोपनीयता का हवाला देते हुए इसका विरोध किया, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित कर्मचारी ने स्वयं को छात्रावास का प्रभारी बताते हुए छात्रावास खाली कराने तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
अधीक्षिका ने आलोट थाना पुलिस को दिए लिखित आवेदन में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित व्यक्ति का मोबाइल जब्त कर उसमें रिकॉर्ड किए गए वीडियो तत्काल डिलीट कराने तथा दोषी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि छात्राओं की निजता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक विपिन जैन ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सरकार से पूछा कि कन्या छात्रावास में किसी पुरुष लोकसेवक को प्रवेश करने और छात्राओं के वीडियो बनाने का अधिकार किस नियम के तहत प्राप्त है? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अब तक क्या विभागीय या कानूनी कार्रवाई की गई है। यदि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, तो सरकार स्पष्ट करे कि दोषी के विरुद्ध कार्रवाई कब तक सुनिश्चित की जाएगी।
विधायक ने सदन में कहा कि छात्रावास जैसी संवेदनशील संस्थाओं में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की जानकारी कलेक्टर सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी दे दी गई है। घटना के बाद छात्रावास की छात्राओं एवं स्टाफ में चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। फिलहाल मामले की जांच पुलिस एवं संबंधित विभाग द्वारा की जा रही है।
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