भितरवार। ग्वालियर जिले के भितरवार में संचालित “सोनम क्लीनिक” इन दिनों गंभीर आरोपों के घेरे में है। क्लीनिक संचालक लाल सिंह जाटव पर बिना वैध मेडिकल डिग्री इलाज करने और गलत इंजेक्शन लगाने से महिला का पैर खराब करने के आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत एसडीएम कार्यालय के साथ-साथ थाने में भी की गई है।

वार्ड क्रमांक 04 निवासी रामबाई पत्नी राजू प्रजापति ने शिकायत में बताया कि पैर में दर्द होने पर वह गोलेश्वर मंदिर के पास स्थित सोनम क्लीनिक पहुंची थी। यहां क्लीनिक संचालक लाल सिंह जाटव ने इलाज करते हुए इंजेक्शन और दवाइयां दीं। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद महिला के पैर में गंभीर संक्रमण हो गया और फफोले पड़ गए।

पीड़िता का कहना है कि हालत बिगड़ने पर जब वह ग्वालियर के डॉक्टरों के पास पहुंची तो वहां चिकित्सकों ने कथित रूप से बताया कि गलत इंजेक्शन के कारण पैर की नस प्रभावित हो गई है और ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है, अन्यथा पैर चलने लायक नहीं रहेगा।

मामले की शिकायत थाने में भी की गई, जहां दोनों पक्षों के बयान लिए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार, लाल सिंह जाटव ने पुलिस के सामने बयान दिया कि उन्होंने करीब 10 साल पहले डॉक्टरी का काम बंद कर दिया था। हालांकि, स्थानीय लोगों और क्लीनिक के आसपास के दुकानदारों से पूछताछ में जानकारी सामने आई कि “सोनम क्लीनिक” कुछ दिन पहले तक नियमित रूप से संचालित हो रहा था और करीब 4-5 दिनों से ही बंद पड़ा है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि लाल सिंह जाटव वास्तव में 10 साल पहले इलाज करना बंद कर चुके थे, तो फिर क्लीनिक हाल तक कैसे संचालित हो रहा था। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि लाल सिंह जाटव पेशे से शासकीय शिक्षक हैं, इसके बावजूद वे कथित रूप से डॉक्टर बनकर लोगों का इलाज कर रहे थे।

मामले ने अब स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रीय लोगों ने बिना डिग्री इलाज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और की जिंदगी से खिलवाड़ न हो।

अब देखना होगा कि प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं।