उमरिया जिले में आदिवासी किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

उमरिया जिले के जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र के अंतर्गत आदिवासी किसानों की गंभीर समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार पाली को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में ग्राम खिचखिड़ी और चिलहारी के पट्टाधारी आदिवासी किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है।

भूमि पर अधिकार

ग्राम खिचखिड़ी और चिलहारी के आदिवासी किसान लगभग 100 वर्षों से अपनी भूमि पर खेती कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान में वन विभाग द्वारा उन्हें खेती करने से रोका जा रहा है। इससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। जनपद पंचायत पाली क्षेत्र में आज तक पात्र आदिवासी परिवारों को वन अधिकार अधिनियम के तहत वन अधिकार पत्र (पट्टा) वितरित नहीं किया गया है, जिससे वे अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित हैं।

विद्युत सुविधा की कमी

ग्राम पंचायत कठई के अंतर्गत चिंनकी, सॉस और गढ़रोला, और घुंघुटी पंचायत अंतर्गत गांधी ग्राम में बिजली के खंबे तो लगाए गए हैं, लेकिन आज तक ग्रामीणों को विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। आजादी के 70 वर्षों के बाद भी इन गांवों का अंधेरे में रहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

ग्रामीणों में आक्रोश

इन सभी समस्याओं के कारण ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि 20 दिन के अंदर यदि मांग पूरी नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और कलेक्टर कार्यालय में भी धरना दिया जाएगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए गए इन मुद्दों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। इन समस्याओं का समाधान न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि सरकार की नीतियों के तहत भी आवश्यक है।