डबरा के पिछोर थाना क्षेत्र में भेड़-बकरियों की लूट और नाबालिग के अपहरण की कहानी आखिरकार झूठी निकली। पुलिस ने महज़ 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए नाबालिग बालक और पशुधन को सकुशल बरामद कर लिया।

जानकारी के अनुसार 19 मई 2026 की रात अशरफ खान निवासी पिछोर ने थाना पहुंचकर सूचना दी थी कि उसका नाबालिग पुत्र और लगभग 30 भेड़-बकरियां गायब हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पिछोर थाना के उप निरीक्षक शिवम सिंह राजावत ने तत्काल खोजबीन शुरू की।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर नाबालिग को गिजौर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम हथनौरा से उसके मुंहबोले चाचा राममिलन बरार के यहां से खोज निकाला। पूछताछ में नाबालिग ने पुलिस को बताया कि 7-8 अज्ञात लोग सफेद रंग की आईसर लोडिंग गाड़ी से आए और उसकी भेड़-बकरियां लूटकर उसे भी अगवा कर टेकनपुर के पास एनएच-44 पर छोड़ गए।

नाबालिग के बयान के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और एनएच-44 सहित आसपास के सभी मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। लेकिन बताए गए वाहन और संदिग्ध व्यक्तियों का कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को मामला संदिग्ध लगा।

पुलिस की सख्त पूछताछ में आखिरकार नाबालिग ने सच कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने खुद ही भेड़-बकरियों को दूसरे स्थान पर पहुंचाया था और उन्हें बेचने की फिराक में था। इसी वजह से उसने पिता और पुलिस को गुमराह करने के लिए लूट और अपहरण की झूठी कहानी बनाई।

इसके बाद पुलिस ने नाबालिग और उसके पिता के साथ मिलकर खिरिया गांव से सभी भेड़-बकरियों को बरामद कर लिया। बेटे द्वारा गलती स्वीकार करने और माफी मांगने पर पिता ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कराई और अपने नाबालिग पुत्र को सकुशल घर ले गए।