सागर जिले में प्रशासनिक कसावट: केसली तहसील के पटवारी सुनील सोनी निलंबित

केसली (सागर) - सागर जिले में प्रशासनिक सुधार की दिशा में कलेक्टर संदीप जीआर ने एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। केसली विकासखंड में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कार्य के प्रति लापरवाही और शासकीय कार्यों को लंबित रखने के आरोप में पटवारी सुनील सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जनसुनवाई में पटवारी की लापरवाही उजागर

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन द्वारा "आपका प्रशासन आपके द्वार" अभियान के तहत 6 जनवरी 2026 को केसली में एक विशाल जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ग्राम देंहचुआ के किसानों ने बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं।

  • नक्शा सीमांकन में देरी: पट्टे में प्राप्त भूमि का सीमांकन लंबे समय से लंबित था।
  • अवैध कब्जों की समस्या: भूमि पर अवैध कब्जों के निराकरण में लापरवाही।
  • मुख्यालय से दूरी: पटवारी का हल्का में समय पर उपस्थित न होना, जिससे ग्रामीणों को कठिनाई का सामना करना पड़ता था।

संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई

जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर संदीप जीआर ने पटवारी सुनील सोनी से शिकायतों पर स्पष्टीकरण मांगा, परंतु वे संतोषजनक जवाब देने में असफल रहे। प्रकरणों के अनावश्यक लंबित होने की पुष्टि होने पर कलेक्टर ने पटवारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया।

"प्रशासन का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। जो भी कर्मचारी या अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

— संदीप जीआर, कलेक्टर, सागर

कार्यक्रम की विशेषताएं

"आपका प्रशासन आपके द्वार" जिला प्रशासन की एक विशेष पहल है, जिसके तहत वरिष्ठ अधिकारी विकासखंड स्तर पर जाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हैं। इसका उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाना और कार्यालयों के चक्कर काट रहे लोगों को राहत प्रदान करना है।

कर्मचारियों में हड़कंप

पटवारी पर हुई इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर की सख्त कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि काम में लापरवाही और जनता को परेशान करने वाले कर्मचारियों के लिए विभाग में कोई स्थान नहीं है।