*"सरजो हॉस्पिटल पर फिर मौत के आरोप! कब जागेगा स्वास्थ्य विभाग, आखिर किसका इंतजार कर रहा सिस्टम?"*

*"ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, फिर सवालों में सरजो हॉस्पिटल! जांच से पहले कितनी और जानें जाएंगी?"*

त्यौंथर/अरविन्द तिवारी

सरजो हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। जनेह थाना क्षेत्र के संदोह गांव निवासी आदित्य प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा के दौरान पहले चाकघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर उपलब्ध न होने पर मौजूद नर्स ने उन्हें निजी सरजो हॉस्पिटल जाने की सलाह दी। परिजनों का दावा है कि अस्पताल में महिला को गंभीर बताकर तत्काल ऑपरेशन की बात कही गई। ऑपरेशन के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में प्रयागराज ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें इलाज से जुड़े आवश्यक मेडिकल दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। उनका यह भी कहना है कि शिकायत लेकर शंकरगढ़ थाने पहुंचने पर केवल आवेदन लिया गया, लेकिन उसकी पावती तक नहीं दी गई।
यह मामला कई अहम सवाल खड़े करता है। यदि आरोप सही हैं, तो सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल रेफर करने की प्रक्रिया क्या नियमों के अनुरूप थी? ऑपरेशन किस चिकित्सक ने किया और क्या वह इसके लिए अधिकृत था? इलाज का पूरा रिकॉर्ड परिजनों को क्यों नहीं मिला? इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सरजो हॉस्पिटल पर इलाज में कथित लापरवाही के गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। ऐसे में लगातार उठ रहे आरोपों के बीच स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब जरूरत है कि संबंधित विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाएं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। फिलहाल ये आरोप परिजनों के हैं, जिनकी आधिकारिक जांच और पुष्टि होना बाकी है।