पांच सालों से बरगद के नीचे लग रही है क्लास, स्कूल की छत अब भी जर्जर

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की बहादरपुर तहसील के ललोरिया ग्राम पंचायत के टोरिया खुर्द गांव में शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति उजागर हो रही है। यहां के शासकीय प्राथमिक विद्यालय की छत सितंबर 2021 में गिर गई थी, और पांच साल बाद भी भवन की मरम्मत नहीं हुई है। यहां के मासूम बच्चे बरगद के पेड़ के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

  • सितंबर 2021 में स्कूल की छत गिर गई थी।
  • पांच सालों से बरगद के पेड़ के नीचे टाटपट्टी बिछाकर चल रही है पढ़ाई।
  • स्कूल में हेडमास्टर सहित दो शिक्षक कार्यरत हैं।
  • सरकारी रिकॉर्ड में 9 बच्चों का नामांकन है, पर 13 बच्चे नियमित रूप से आते हैं।
  • समग्र आईडी न बनने से कुछ बच्चों का नामांकन नहीं हो पा रहा है।
  • विभाग ने स्कूल को नजदीकी स्कूल में शिफ्ट करने का निर्देश दिया, पर ग्रामीण इसके खिलाफ।
  • प्रत्येक दिन शिक्षक बरगद के पेड़ पर ब्लैकबोर्ड टांगते हैं।
  • बारिश और सर्दी के मौसम में पढ़ाई प्रभावित होती है।

जिला शिक्षा अधिकारी मधु गर्ग का कहना है, "आप मुझे लिखित में जानकारी दें, मैं पता करवाऊंगा कि पांच साल पहले जब भवन क्षतिग्रस्त हुआ था तो उसका मलबा क्यों नहीं हटाया गया और नया प्रस्ताव क्यों नहीं भेजा गया।"

यह स्थिति बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति कितनी खराब हो सकती है। सरकारी विभागों की लापरवाही और ग्रामीणों की मजबूरी इस समस्या को और भी जटिल बना रही है। अब देखना यह है कि इस मामले में कब तक कोई ठोस कदम उठाया जाता है ताकि बच्चों की शिक्षा सुचारू रूप से चल सके।