उमरिया जिले के पाली में कन्या शिक्षा परिसर की तत्कालीन प्राचार्या सरिता जैन के खिलाफ छात्रवृत्ति गबन के आरोपों पर 2 युवाओं द्वारा बीते 3 दिनों से जारी आमरण अनशन आखिरकार सफल हो गया।

प्रमुख बिंदु:

  • आरोप: सरिता जैन पर छात्रवृत्ति गबन का गंभीर आरोप था, जिसके कारण छात्रावास की छात्राओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता बाधित हो रही थी।
  • युवाओं का विरोध: इस घोटाले के खिलाफ युवाओं ने निलंबन की मांग को लेकर अनशन का सहारा लिया।
  • प्रशासनिक कार्रवाई: युवाओं के दबाव और जनसमर्थन के चलते आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग ने सरिता जैन को निलंबित कर दिया।

आयुक्त द्वारा निलंबन की घोषणा के बाद अनशनकारियों ने अनशन समाप्त कर दिया, जिससे स्थानीय समाज में एक सकारात्मक संदेश गया।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि सही दिशा में उठाए गए कदम और जनसाधारण का समर्थन प्रशासनिक सुधार को संभव बना सकता है।