मडिया बांध डूब क्षेत्र के रहवासियों ने मकानों के मुआवजे को लेकर सौंपा ज्ञापन ,
जमीन डूबने के 1 साल में ही किसानों के बेरोजगार होने का दर्द छलका
बेगमगंज,
शासन जब किसी उद्देश्य से लोगों की जमीनें अधिकृत करता है तो लोग मजबूर होकर अपनी पैतृक जमीनें अपनी आंखों के सामने शासन के अधीन होते देखते रह जाते हैं।
यह यह दर्द उनके लिए रह रहकर सताता है।
ऐसे ही दर्जनों किसानों और रहवासियों ने बीना बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के तहत बनाए गए मडिया बांध के डूब क्षेत्र में 85 से लेकर 100 प्रतिशत तक जमीने डूब जाने से बेरोजगार होकर मकान के डूबने की आशंका के चलते आज एसडीएम सौरभ मिश्रा के दरबार में गुहार लगाने पहुंचे और विस्थापन के लिए जमीन और मकान का मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
डूब क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणजन ने ज्ञापन में बताया कि सभी लोग ग्राम पंचायत खजुरिया ब.ग. के निवासी है जिनकी कृषि भूमि शासन के द्वारा बीना बहुउद्देशीय परियोजना के तहत बीना नदी पर मढ़िया बाँध के निर्माण में 80 से लेकर 100 प्रतिशत
तक भूमि अधिगृहित की गई थी और अब लोगों के पास कृषि भूमि नहीं बची है। रहने के लिए मात्र मकान बचे हैं जो कि बाँध में पूरी तरह पानी भरने पर जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होगें।
ज्ञापन सौंपने वाले मुंशीलाल , रामनारायण , राजकुमार , कमल सिंह , विनोदकुमार , ज्ञानीप्रसाद , सीताराम सहित सैकड़ो ग्रामीणजन ने बताया कि समस्त रहवासियों के पास आय का एक मात्र साधन कृषि भूमि थी और उनकी भूमि बाँध के लिए अर्जित कर ली गई है। अब प्रभावित परिवारों के पास जीवीकोपार्जन का कोई स्त्रोत नहीं बचा है क्योंकि उनके पास कृषि के अलावा अन्य कोई दूसरा आय का साधन नहीं है।
गांवों में जो व्यक्ति कृषि मजदूरी करके अपना एवं अपने परिवार का पालन पोषण करते थे, उनको भी कृषि मजदूरी नहीं मिल पा रही है।
ऐसी परिस्थितियों में सभी लोग विस्थापन के लिए मजबूर हैं शासन से मांग करते हैं कि खजुरिया बरामद गढ़ी के सभी रहवासियों का विस्थापन कराकर मकान का मुआवजा और मकान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए जिससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
इस संबंध में एसडीएम सौरभ मिश्रा का कहना है कि कृषि भूमि का मुआवजा वितरण हो चुका है। आवासीय मुआवजे के लिए शासन को भेजा जाएगा ।
फोटो - बेगमगंज एसडीएम सौरभ मिश्रा को सौंपा ज्ञापन ।

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